असम में विधानसभा चुनाव का ऐलान, अमित शाह ने घुसपैठियों पर की सख्त टिप्पणी
असम में चुनाव का आगाज़
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को असम में विधानसभा चुनाव का ऐलान किया। गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम में, उन्होंने असम के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री गोलाप बोरबोरा की जयंती पर बोलते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि देश में कोई भी घुसपैठिया नहीं रहना चाहिए।
शाह ने बताया कि गोलाप बोरबोरा पहले व्यक्ति थे जिन्होंने मतदाता सूची में संशोधन कर असम में घुसपैठ के खिलाफ जागरूकता फैलाई। उन्होंने कहा कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान 126 विधानसभा क्षेत्रों में से 70 की मतदाता सूचियों की जांच की गई थी। उस समय संसाधनों की कमी के बावजूद, गोलाप ने 36,780 मतदाताओं को सफलतापूर्वक सूची से हटाया था।
घुसपैठियों के समर्थन में कुछ पार्टियों की गतिविधियाँ
गृह मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग प्रतिदिन वोटर लिस्ट को साफ कर रहा है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल इसके खिलाफ 'घुसपैठिया बचाओ यात्रा' चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट किसी भी लोकतंत्र की नींव होती है। उल्लेखनीय है कि गोलाप बोरबोरा ने मार्च 1978 से सितंबर 1979 तक जनता पार्टी की सरकार का नेतृत्व किया था।
राहुल गांधी पर तीखा हमला
राजभवन की नई इकाई ब्रह्मपुत्र का उद्घाटन करते हुए, शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल ने पीएम मोदी और उनकी मां के लिए अपशब्द कहे, जिससे उनकी राजनीति का स्तर गिर गया है। उन्होंने कहा कि जितनी गालियाँ पीएम को दी जाएंगी, कमल का फूल उतना ही अधिक खिलेगा।
शाह ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने हर चुनाव में गलतियाँ की हैं और बिहार में राहुल की 'घुसपैठिया बचाओ यात्रा' उनकी राजनीति को और नीचे ले गई है।