अहमदाबाद एयरपोर्ट पर पकड़ा गया 4 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा, जानें पूरी कहानी
अहमदाबाद में कस्टम्स ने पकड़ी बड़ी ड्रग्स की खेप
नई दिल्ली: जब लोग विदेश यात्रा से लौटते हैं, तो अक्सर वे अपने प्रियजनों के लिए चॉकलेट, महंगे परफ्यूम या अन्य उपहार लाते हैं। लेकिन महाराष्ट्र के एक व्यक्ति की पहली विदेश यात्रा का उद्देश्य कुछ और ही था। वह बैंकॉक से एक ऐसा सामान लेकर लौटा, जिसकी कीमत ने कस्टम अधिकारियों को चौंका दिया। हालांकि, आरोपी अपने अवैध सामान को ठिकाने लगाने से पहले ही अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम्स विभाग द्वारा पकड़ा गया। उसके पास से लगभग 4 करोड़ रुपये मूल्य का उच्च गुणवत्ता वाला 'हाइड्रोपोनिक गांजा' बरामद हुआ है।
फूड पैकेट्स में छिपा था ड्रग्स का जखीरा
यह घटना 1 जुलाई 2026 को हुई। बैंकॉक से उड़ान भरने वाली फ्लाइट संख्या TG-343 में एक 40 वर्षीय यात्री, जो उल्हासनगर, महाराष्ट्र का निवासी था, सवार था। एयरपोर्ट पर तैनात कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट को इस यात्री की गतिविधियों पर संदेह हुआ। अधिकारियों ने उसे रोका और उसके ट्रॉली बैग की गहन जांच शुरू की। बैग में केवल विदेशी स्नैक्स और फूड पैकेट्स थे, जिन्हें देखकर कोई भी सामान्य व्यक्ति यही समझता कि यात्री खाने-पीने का सामान लाया है। लेकिन जब कस्टम अधिकारियों ने इन पैकेट्स को खोला, तो उनमें से 22 पॉलीथीन पैकेट निकले। मौके पर ही इनका फील्ड टेस्ट किया गया, जिसमें यह साबित हुआ कि यह उच्च गुणवत्ता वाला हाइड्रोपोनिक गांजा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 4 करोड़ रुपये
कस्टम विभाग के अनुसार, बरामद की गई ड्रग्स का कुल वजन 4.276 किलोग्राम है, और इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस माल को स्वापक औषधि और NDPS एक्ट के तहत जब्त कर लिया और आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर लिया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पकड़ा गया व्यक्ति केवल एक 'कैरियर' था या वह किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का हिस्सा था। पूछताछ के माध्यम से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि यह ड्रग्स की खेप गुजरात या भारत के किस शहर में सप्लाई की जानी थी।
अहमदाबाद एयरपोर्ट: तस्करी का नया केंद्र
हाल के महीनों में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सामने आए मामलों से यह स्पष्ट है कि यह अंतरराष्ट्रीय तस्करों के लिए एक प्रमुख रूट बनता जा रहा है। अप्रैल 2025 में भी राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बैंकॉक से आए चार भारतीयों से 37.2 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया था, जिसकी कीमत 37 करोड़ रुपये थी। बढ़ते मामलों को देखते हुए कस्टम और DRI ने बैंकॉक और वियतनाम जैसी संवेदनशील जगहों से आने वाली उड़ानों पर निगरानी बढ़ा दी है।