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अहमदाबाद में पीजी हॉस्टल में छात्रा के साथ दुष्कर्म, सुरक्षा गार्ड आरोपी

अहमदाबाद के एक पीजी हॉस्टल में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन यह घटना सुरक्षा कर्मचारियों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की गंभीरता पर भी प्रकाश डालती है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और छात्राओं की सुरक्षा के मुद्दे पर उठते सवाल।
 

अहमदाबाद में सुरक्षा की जिम्मेदारी पर सवाल


अहमदाबाद। एक ऐसा स्थान, जिसे छात्राओं के लिए सुरक्षित माना जाता था, वहां एक सुरक्षा गार्ड पर एक छात्रा के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है। यह घटना अहमदाबाद के आनंदनगर क्षेत्र में हुई। जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा पिछले एक वर्ष से इस पीजी हॉस्टल में निवास कर रही थी और अक्सर रात में छत पर टहलने जाती थी। शनिवार रात लगभग 8 बजे, वह हॉस्टल की छत पर अकेली थी।


आरोप है कि इसी दौरान, हॉस्टल का सुरक्षा गार्ड लिफ्ट के माध्यम से छत पर पहुंचा। छात्रा को अकेला पाकर उसने सीढ़ियों का गेट बंद कर दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने विरोध किया और खुद को बचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसके गले को वायर से दबा दिया। इस हमले में छात्रा घायल हो गई और उसे बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। लेकिन पुलिस की जांच में हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साबित हुए। इन फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और रविवार सुबह उसे अहमदाबाद के हेबतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम धर्मसिंह है और वह उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का निवासी है।


सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी को हॉस्टल में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते हुए केवल चार दिन हुए थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन नहीं किया गया था। इस घटना ने न केवल इस वारदात पर सवाल उठाए हैं, बल्कि पीजी हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की गंभीरता पर भी चिंता जताई है। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और मामले की जांच जारी है। पीड़ित छात्रा का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए हॉस्टल और पीजी में सुरक्षा कर्मचारियों की नियुक्ति और उनके बैकग्राउंड वेरिफिकेशन को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है?