आंध्र प्रदेश की नई जनसंख्या नीति: दूसरे बच्चे पर 25,000 रुपये का प्रोत्साहन
आंध्र प्रदेश में प्रजनन दर में सुधार के लिए कदम
आंध्र प्रदेश की सरकार ने गिरती प्रजनन दर को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में यह घोषणा की कि दंपतियों को दूसरे बच्चे के जन्म पर 25,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। उनका कहना है कि राज्य की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) वर्तमान में 1.5 है, जिसे 2.1 तक बढ़ाना आवश्यक है। कई देशों में बढ़ती उम्र की जनसंख्या से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
नई जनसंख्या प्रबंधन नीति का आगाज
इस समस्या का समाधान करने के लिए, सरकार मार्च के अंत तक एक नई जनसंख्या प्रबंधन नीति पेश करेगी, जिसे अप्रैल से लागू किया जाएगा। यह कदम परिवारों को प्रोत्साहित करने और राज्य की युवा जनसंख्या को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
दूसरे बच्चे पर 25,000 रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि दूसरे या उसके बाद के बच्चे के जन्म पर माता-पिता को प्रसव के समय 25,000 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। नायडू ने इस कदम को अत्यंत लाभकारी बताया और कहा कि जनसंख्या संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, ताकि भविष्य में बुजुर्गों की देखभाल और युवाओं के लिए रोजगार की समस्याएं न बढ़ें।
जनसंख्या नीति का उद्देश्य
चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में कहा कि कई विकसित देशों को बढ़ती उम्र की जनसंख्या से जूझना पड़ रहा है। आंध्र प्रदेश में भी टीएफआर में कमी से भविष्य में चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, सरकार नई जनसंख्या प्रबंधन नीति लाने जा रही है, जिसका उद्देश्य संतुलित विकास और युवा जनसंख्या को बनाए रखना है।
आर्थिक विकास की उपलब्धियाँ
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि पिछले 20 महीनों में राज्य में 6.28 लाख नई नौकरियों का सृजन हुआ है। विशाखापत्तनम आईटी और जीसीसी का केंद्र बन रहा है, जबकि अमरावती में 'क्वांटम वैली' जैसे इकोसिस्टम का विकास हो रहा है। तिरुपति को अंतरिक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा क्षेत्र का केंद्र बनाने की योजना है। गूगल और टाटा-टीसीएस जैसी कंपनियाँ राज्य में आ चुकी हैं।
2047 तक 2.4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश का लक्ष्य 2047 तक 2.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए विशाखापत्तनम, अमरावती और तिरुपति जैसे तीन बड़े शहरों को मजबूत किया जा रहा है। आर्सेलर मित्तल जैसे बड़े निवेश भी राज्य में आ रहे हैं। सरकार का ध्यान युवा शक्ति और आर्थिक विकास पर है।