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आंध्र प्रदेश में कोरोना के नए मामलों से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी

आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में कोरोना के नए मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। दो संक्रमित व्यक्तियों की मृत्यु और एक मेडिकल छात्र के पॉजिटिव पाए जाने के बाद प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। जिले में सैंपलिंग अभियान चलाया जा रहा है और रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने कोविड गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। जानें इस स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
 

कोरोना मामलों में वृद्धि के बाद स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता

आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में कोरोना वायरस के कुछ नए मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात बरतने के लिए कदम उठाए हैं। दो संक्रमित व्यक्तियों की मृत्यु और एक मेडिकल छात्र के पॉजिटिव पाए जाने के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिले में सक्रिय मामलों की निगरानी को और सख्त किया गया है और प्रभावित क्षेत्रों में सैंपलिंग अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।


स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी

कडप्पा जिले में नए मामलों के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं। राजमपेट के 52 वर्षीय व्यक्ति की वेल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जहां उनकी कोविड जांच पॉजिटिव आई थी। इसी तरह, कडप्पा शहर के 43 वर्षीय व्यक्ति की भी सरकारी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हुई। इसके अलावा, कडप्पा मेडिकल कॉलेज का 25 वर्षीय छात्र भी संक्रमित पाया गया है, जिसका इलाज वर्तमान में होम आइसोलेशन में चल रहा है। अधिकारियों ने संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए व्यक्तियों की पहचान कर जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है ताकि संक्रमण का दायरा सीमित रखा जा सके।


रैपिड रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती

स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात की हैं। इन टीमों ने लगभग 40 लोगों के सैंपल एकत्र किए हैं। प्रारंभिक जांच में 18 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि अन्य नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जिले में वर्तमान में आठ सक्रिय कोविड मरीज हैं। वायरस के वैरिएंट की पहचान और उसके व्यवहार का अध्ययन करने के लिए सैंपल पुणे स्थित प्रयोगशाला में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि संक्रमण किस प्रकार का है और उसकी फैलने की क्षमता कितनी है।


प्रशासन के सख्त निर्देश

जिले में संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रभारी मंत्री सविता ने अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समीक्षा के दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। अस्पतालों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही, बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों की तुरंत पहचान कर उनकी जांच और जरूरत पड़ने पर आइसोलेशन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सफाई, सैनिटाइजेशन और ब्लीचिंग अभियान भी तेज कर दिया है ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।