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आईआईटी बॉम्बे में छात्र की आत्महत्या के बाद विवाद और सुरक्षा उपायों में बदलाव

आईआईटी बॉम्बे में बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या ने विवाद खड़ा कर दिया है। उसके माता-पिता ने जाति के आधार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिसके बाद एक प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। संस्थान ने सुरक्षा के लिए सीलिंग फैन हटाने का निर्णय लिया है। इस घटना के बाद छात्रों का प्रदर्शन जारी है, और पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और संस्थान की प्रतिक्रिया।
 

आईआईटी बॉम्बे में छात्र की आत्महत्या का मामला


मुंबई। देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक आईआईटी बॉम्बे हाल ही में बीटेक के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के कारण विवादों में है। साहिल ने आत्मघाती कदम उठाया, जिसके बाद उसके माता-पिता ने जाति के आधार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। इस मामले में पुलिस ने एक प्रोफेसर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है, और उसे डीन के पद से हटा दिया गया है।


इस बीच, आईआईटी बॉम्बे ने अपने कैंपस और हॉस्टल से सीलिंग फैन हटाने का निर्णय लिया है। इनकी जगह दीवार पर लगने वाले फैंस लगाए जाएंगे। बताया गया है कि जुलाई में एक अन्य छात्र की मौत के बाद इस विषय पर चर्चा शुरू हुई थी। साहिल की आत्महत्या के बाद इस निर्णय को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। हालांकि, कई संस्थानों में छात्रों द्वारा छत से कूदकर आत्महत्या करने की घटनाएं हुई हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या संस्थानों को इसके मूल कारणों की पहचान करनी चाहिए।


साहिल 18 सितंबर की शाम अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया। उसकी मौत के बाद से आईआईटी बॉम्बे में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इस मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, फुटेज में साहिल को आखिरी बार परीक्षा हॉल से बाहर निकलते हुए देखा गया था। आईआईटी बॉम्बे ने 19 सितंबर को बताया था कि साहिल परीक्षा के दौरान मोबाइल से नकल करते पकड़ा गया था, लेकिन उसके परिवार ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया।