×

आईआईटी वाले बाबा ने गृहस्थ जीवन की ओर बढ़ाया कदम, इंजीनियर से की शादी

प्रयागराज महाकुंभ के दौरान चर्चित हुए 'आईआईटी वाले बाबा' अभय सिंह ने अब गृहस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाया है। उन्होंने कर्नाटक की महिला इंजीनियर प्रीतिका से शादी की है। महाशिवरात्रि पर हुई इस शादी के बाद, दोनों ने कोर्ट मैरिज भी की। अब यह नवदंपति एक सनातन विश्वविद्यालय की स्थापना की योजना बना रहा है, जिसका उद्देश्य आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार करना है। जानें इस जोड़े की नई यात्रा और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में।
 

नई शुरुआत: आईआईटी वाले बाबा का गृहस्थ जीवन

झज्जर: प्रयागराज महाकुंभ के दौरान अपने संन्यासी रूप और प्रभावशाली बातों से रातों-रात इंटरनेट पर प्रसिद्ध हुए अभय सिंह, जिन्हें 'आईआईटी वाले बाबा' के नाम से जाना जाता है, ने अब एक नई जिंदगी की शुरुआत की है। उन्होंने कर्नाटक की एक महिला इंजीनियर को अपना जीवनसाथी बनाया है। विवाह के बाद जब यह नवविवाहित जोड़ा हरियाणा के अपने पैतृक गांव पहुंचा, तो उनके साथ सेल्फी लेने वालों की भीड़ लग गई।


महाशिवरात्रि पर हुई शादी और कोर्ट मैरिज

अभय सिंह ने अपनी पत्नी प्रीतिका के साथ सोमवार को झज्जर तहसील का दौरा किया। यहां उन्होंने अपने पिता कर्ण सिंह के वकालत चेंबर में जाकर उनका आशीर्वाद लिया। अभय के पिता झज्जर बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान रह चुके हैं। मीडिया से बातचीत में अभय ने बताया कि उन्होंने 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के अघंजर महादेव मंदिर में प्रीतिका के साथ शादी की थी। इसके बाद 19 फरवरी को दोनों ने कानूनी रूप से कोर्ट मैरिज भी की। प्रीतिका, जो बेंगलुरु की रहने वाली हैं, पेशे से इंजीनियर हैं और इनकी पहली मुलाकात लगभग एक साल पहले हुई थी।


सनातन यूनिवर्सिटी की स्थापना का लक्ष्य

प्रीतिका ने अपनी नई जिंदगी के बारे में खुशी व्यक्त की और बताया कि अभय एक सरल और ईमानदार व्यक्ति हैं। इस नवदंपति ने भविष्य के लिए एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रीतिका के अनुसार, वे दोनों मिलकर सनातन धर्म को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे। अभय ने बताया कि वे 'श्री यूनिवर्सिटी' नामक एक सनातन विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य साधकों और गुरुओं को एकत्रित करना है। यहां छात्रों को आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ किताबी और सांसारिक ज्ञान भी दिया जाएगा।


तहसील में सेल्फी लेने वालों की भीड़

अभय अपने पिता के चेंबर में बैठकर खुश नजर आए और पुरानी यादें ताजा कीं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दिनों में वह अक्सर यहां आकर वकालत के मुकदमों की फाइलें देखा करते थे। इस बार झज्जर आने का मुख्य कारण बैंक खाते की केवाईसी अपडेट कराना और माता-पिता से आशीर्वाद लेना था। हालांकि, जैसे ही लोगों को पता चला कि सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध आईआईटी वाले बाबा तहसील में आए हैं, तो चेंबर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। लोग उनके साथ तस्वीरें और सेल्फी लेने के लिए उत्सुक थे। अभय के इस अचानक लिए गए फैसले और शादी पर उनके परिजनों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।