आगरा पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की
आगरा में साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई
आगरा। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे राष्ट्रीय अभियान के तहत आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। आगरा के साइबर क्राइम थाने ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले 297 अपराधियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की है। पुलिस ने अब तक 100 से अधिक ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और पीड़ितों के लगभग सात करोड़ रुपये वापस प्राप्त करने में सफल रही है।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई
साइबर सेल और पुलिस की टीमों ने जांच के दौरान वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों को प्राथमिकता दी। अपराधियों द्वारा उपयोग किए गए सिम कार्ड, मोबाइल फोन और पीड़ितों के बैंक खातों से ट्रांसफर की गई राशि की जांच कर ठोस सबूत जुटाए गए। इस आधार पर 297 अपराधियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की गई है, जिसमें 2025 में 176 और जनवरी से अगस्त 2026 के बीच 121 अपराधी शामिल हैं।
100 ठिकानों पर छापेमारी, 13 राज्यों में फैला नेटवर्क
अधिकारियों ने बताया कि जुलाई 2026 में पुलिस ने एक साथ 100 से अधिक संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें 60 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि इस गिरोह ने देश के 13 राज्यों में ₹50 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी की थी। यह नेटवर्क डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी मैट्रिमोनियल प्रोफाइल और क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर लोगों को ठगता था।
हजारों मोबाइल और सिम कार्ड किए गए ब्लॉक
साइबर अपराधियों के इस पूरे नेटवर्क को समाप्त करने के लिए आगरा पुलिस ने तकनीकी कदम उठाए हैं। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, अपराध में इस्तेमाल किए गए 7,742 मोबाइल फोन के IMEI नंबर स्थायी रूप से ब्लॉक कर दिए गए हैं। इसके अलावा, ठगी और फर्जी कॉलिंग के लिए उपयोग किए जा रहे 1,928 संदिग्ध मोबाइल नंबर भी बंद किए गए हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के डिजिटल अरेस्ट या अनजान लालच भरे ऑफर्स के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।