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आगरा में कांग्रेस नेताओं की रिहाई, चुनाव आयुक्त के खिलाफ जारी रहेगा संघर्ष

आगरा में कांग्रेस के छह नेताओं को जेल से रिहा किया गया है, जिन्होंने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के घर पर 'गद्दार' लिखा था। रिहाई के बाद, नेता अनिल यादव ने कहा कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक ज्ञानेश कुमार अपनी कुर्सी पर बने रहेंगे। यह मामला चुनाव आयोग में कथित मनमानी के खिलाफ उठाए गए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। जानें इस संघर्ष की पूरी कहानी और कांग्रेस के नेताओं की प्रतिक्रिया।
 

आगरा में कांग्रेस नेताओं की रिहाई


आगरा समाचार: उत्तर प्रदेश के आगरा में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के गेट पर 'गद्दार' लिखने वाले छह कांग्रेस कार्यकर्ता अब जेल से बाहर आ चुके हैं। जेल से रिहा होने के बाद, कांग्रेस नेता अनिल यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपनी पदवी पर बने रहेंगे, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।


दरअसल, 28 सितंबर 2026 को चुनाव आयोग में ज्ञानेश कुमार की कथित मनमानी के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगरा के विजय नगर में उनके घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होंने ज्ञानेश कुमार के घर के गेट पर कालिख पोती और दीवारों पर काले स्प्रे से नारे लिखे। इसके बाद हरिपर्वत थाने में मामला दर्ज किया गया और अनिल यादव, मुकेश धनगर, मनोज गौरव, राजेश कुमार, राजा गौतम और पंकज चौधरी समेत छह कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर लिया गया।


आगरा की अदालत ने शनिवार को इन कार्यकर्ताओं को जमानत दे दी, जिसके बाद रविवार को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आने पर कांग्रेस समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। अनिल यादव ने कहा, “हम बाहर आ गए हैं, लेकिन हमारी लड़ाई जारी रहेगी। जब तक ज्ञानेश कुमार जैसे 'लोकतंत्र के हत्यारे' अपनी कुर्सी पर बने रहेंगे, हम यह संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने करोड़ों वोटरों के अधिकारों का हनन किया है। वह लोकतंत्र के दुश्मन हैं और जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।”