आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता: राजनाथ सिंह
आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि आतंकवाद के संपूर्ण नेटवर्क को प्रभावी ढंग से समाप्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवादियों को वित्तीय सहायता, समर्थन या आश्रय देने वालों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। यह बयान उन्होंने ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में दिया।
आतंकवाद का गंभीर खतरा
राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को शांति और विकास के लिए एक प्रमुख खतरा बताया। उनका कहना था कि यह न केवल निर्दोष लोगों की जान लेता है, बल्कि व्यापार और निवेश को भी बाधित करता है। इस दौरान पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार भी बैठक में उपस्थित थे। राजनाथ सिंह इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और ताजिकिस्तान में दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
दोहरा मापदंड नहीं चलेगा
उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता और इसके खिलाफ कार्रवाई में दोहरे मापदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए। राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि आतंकवाद समाजों को कट्टरपंथी बनाता है और युवाओं को उनके हक से वंचित करता है।
आत्मरक्षा की तैयारी
15 अक्टूबर को नई दिल्ली में राजनाथ सिंह ने कहा था कि भविष्य में पाकिस्तान से होने वाले किसी भी आतंकवादी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 2014 के बाद से अधिकांश आतंकवादियों की औसत उम्र एक साल से कम रह गई है। सुरक्षा बल भारत के खिलाफ हथियार उठाने वाले आतंकवादियों को एक साल के भीतर समाप्त कर देते हैं।
आर्थिक सहयोग पर चर्चा
SCO के सदस्यों को संबोधित करते हुए, राजनाथ सिंह ने 2026 से 2030 तक के बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहयोग सभी देशों के लिए लाभकारी होना चाहिए और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, व्यापार और निवेश को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
बैठक का उद्देश्य
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय संबंधों में पारदर्शिता और स्थिरता के साथ व्यापार, आर्थिक और निवेश सहयोग को बढ़ावा देना है। सदस्य देशों के बीच व्यापार को बढ़ाना और लोगों की भलाई में सुधार करना भी इस बैठक का लक्ष्य है। राजनाथ सिंह ने बिश्केक में लिए गए निर्णयों का स्वागत किया, जिनमें ताशकंद का यूनिवर्सल सेंटर और दुशान्बे का एंटी-ड्रग सेंटर SCO के स्थायी इकाइयों के रूप में स्थापित किए जाएंगे।