आदि कैलाश परिक्रमा रन-2026: साहसिक खेलों का नया अध्याय
उत्तराखंड में साहसिक खेलों का आयोजन
उत्तराखंड: पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील की व्यास घाटी एक बार फिर साहसिक खेलों के रोमांच से भरने जा रही है। पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित आदि कैलास परिक्रमा रन-2026 का दूसरा संस्करण गुंजी गांव को मुख्य केंद्र बनाकर आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना और वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना है।
आदि कैलाश परिक्रमा रन को भारत की अनूठी और चुनौतीपूर्ण हाई-एल्टीट्यूड मैराथन (अल्ट्रा रन) के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह दौड़ समुद्र तल से लगभग 10,500 से 15,000 फीट की ऊंचाई पर बर्फीले और कठिन भू-भाग में आयोजित की जाएगी। प्रतिभागियों को गुंजी, नाबी, कुटी और जोलिंगकोंग जैसे क्षेत्रों से गुजरना होगा। इस कठिन और ऊंचाई वाले इलाके में दौड़ना प्रतिभागियों के लिए शारीरिक और मानसिक क्षमता की परीक्षा होगी।
इस वर्ष 70 किलोमीटर की अल्ट्रा रन जोलिंगकोंग से शुरू होगी। धावक छियालेख तक जाएंगे और वहां से वापस गुंजी लौटकर दौड़ पूरी करेंगे। इसके अलावा, 42 किलोमीटर की फुल मैराथन, 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ का आयोजन भी किया जाएगा। ये सभी दौड़ गुंजी से शुरू होकर कुटी की दिशा में जाएंगी और वापस गुंजी में समाप्त होंगी।
आदि कैलाश परिक्रमा रन-2026 के तहत तीन दिनों तक विभिन्न साहसिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
- 24 अक्टूबर 2026: 70 किमी अल्ट्रा रन और 42 किमी फुल मैराथन
- 25 अक्टूबर 2026: 21 किमी हाफ मैराथन, 10 किमी और 5 किमी रन
- 26 अक्टूबर 2026: माउंटेन टेरेन बाइकिंग (MTB)
आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष आदि कैलाश परिक्रमा रन में लगभग 1000 प्रतिभागियों के पंजीकरण की उम्मीद है। प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
पर्यटन विभाग इस आयोजन को केवल एक मैराथन के रूप में नहीं देख रहा है। इसके माध्यम से आदि कैलास क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संस्कृति, आध्यात्मिक महत्व और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को देश-दुनिया के सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, सीमांत गांवों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने का भी लक्ष्य है।