×

आदित्य ठाकरे का दिशा सालियान मामले पर बड़ा बयान: क्या है सच्चाई?

आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान मामले में अपनी सफाई पेश की है, जिसमें उन्होंने खुद को इस विवाद से अलग बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से उनका नाम जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले की जड़ें 2020 में हैं, जब दिशा की संदिग्ध मौत हुई थी। अब सीबीआई द्वारा जांच शुरू होने के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ठाकरे ने मीडिया पर भी निशाना साधा और कहा कि सच्चाई को छिपाया नहीं जा सकता। जानें इस मामले की पूरी कहानी और ठाकरे का क्या कहना है।
 

मुंबई में राजनीतिक भूचाल


मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से हलचल मच गई है। दिशा सालियान के मामले ने राज्य की राजनीतिक स्थिति को हिला कर रख दिया है, और इस बार शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे का नाम इसमें शामिल हुआ है। मुंबई हाईकोर्ट के निर्देश के बाद, जब से सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है, तब से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब आदित्य ठाकरे ने इस विवाद पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने खुद को इस मामले से पूरी तरह अलग बताया है।


आदित्य ठाकरे का बयान

आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने दिशा सालियान से कभी मुलाकात नहीं की और न ही उनकी उनसे कोई जान-पहचान थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों से कुछ लोग राजनीतिक लाभ और व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण जानबूझकर उनका नाम इस दुखद घटना से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि इसके लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। ठाकरे ने इसे उनके चरित्रहनन का एक सुनियोजित और झूठा अभियान बताया, जो बिना किसी तथ्य के चलाया जा रहा है।


मीडिया पर निशाना

'मीडिया ट्रायल सच नहीं बदल सकता'


आदित्य ठाकरे ने इस अवसर पर मीडिया पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि टीवी चैनलों पर चल रही बहसें और मीडिया ट्रायल सच्चाई को नहीं बदल सकते। उनका कहना है कि इस मामले की जांच अब आधिकारिक एजेंसियों को बिना किसी दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप के निष्पक्ष तरीके से करने दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को लगता है कि झूठे प्रचार और चरित्रहनन के जरिए उन्हें चुप कराया जा सकता है, तो यह केवल एक भ्रम है। उन्होंने कहा कि सच्चाई और अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई जनता के साथ जारी रहेगी।


मामले की पृष्ठभूमि

आखिर क्या है पूरा मामला


यह विवाद 2020 से शुरू होता है। दिशा सालियान, जो सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं, की 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या मानते हुए एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की थी और मामले को बंद कर दिया था। लेकिन 2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीबीआई को नए सिरे से एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया, जिसके बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया। इस मामले में उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे जैसे कई बड़े नेताओं के नाम भी जुड़ने लगे हैं।


राजनीतिक हलचल

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल


इस मामले के दोबारा खुलने के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष सत्ताधारी पार्टी पर लगातार निशाना साध रहा है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) और आदित्य ठाकरे इसे राजनीतिक साजिश और छवि खराब करने की कोशिश बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस केस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं। आदित्य ठाकरे ने अपनी सफाई देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे इस लड़ाई को कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर लड़ने के लिए तैयार हैं।