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आयुष सेक्टर में तेजी से बढ़ते रोजगार के अवसर और महिलाओं की भागीदारी

भारत में आयुष (AYUSH) क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, जिसमें आयुर्वेद, योग, और प्राकृतिक चिकित्सा शामिल हैं। यह क्षेत्र अब केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं है, बल्कि वेलनेस सेंटर, स्पा, और शिक्षा में भी रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, आयुष सेवा क्षेत्र में 1.76 मिलियन लोगों को रोजगार मिलता है, जिसमें 43 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसके अलावा, विदेशी मरीजों से भी इस क्षेत्र में आय हो रही है। जानें कैसे आयुष क्षेत्र का आकार 2047 तक बढ़ सकता है और इससे नए रोजगार के अवसर कैसे उत्पन्न होंगे।
 

आयुष सेक्टर का विकास

भारत में आयुष (AYUSH) क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। इसमें आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी शामिल हैं। यह क्षेत्र अब केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं है, बल्कि वेलनेस सेंटर, स्पा, योग केंद्र और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रहा है। महिलाओं को भी इस क्षेत्र से लाभ मिल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा 8 अक्टूबर 2026 को जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, आयुष सेवा क्षेत्र स्वास्थ्य, वेलनेस, शिक्षा और संबंधित सेवाओं में 1.76 मिलियन लोगों को रोजगार देता है।


आयुष क्षेत्र का विस्तार

ये आंकड़े उस समय सामने आए हैं जब आयुष क्षेत्र पारंपरिक चिकित्सा से आगे बढ़ रहा है। इसमें वेलनेस सेंटर, शिक्षा, बीमारियों की रोकथाम और इलाज के लिए विदेशों से भारत आने वाले मरीजों से जुड़ी सेवाएं भी शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि आयुष क्षेत्र के विकास से भविष्य में चिकित्सा, वेलनेस सेंटर, शिक्षा, मेडिकल टूरिज्म, अनुसंधान और डिजिटल स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में और रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।


महिलाओं की भागीदारी

रिपोर्ट के अनुसार, आयुष सेवा क्षेत्र में काम करने वाले लोगों में 43 प्रतिशत महिलाएं हैं। स्पा और वेलनेस रिसॉर्ट्स में महिलाओं की भागीदारी 60 प्रतिशत से अधिक है। इसके बाद एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस में 58 प्रतिशत, डे-केयर सेंटर में 57 प्रतिशत और अस्पतालों में भी महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। इस प्रकार, हॉस्पिटल, डे-केयर सेंटर, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस और वेलनेस से जुड़े संगठनों में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक है।


आयुष सेक्टर में वृद्धि


आयुष क्षेत्र में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 में इस क्षेत्र का आकार लगभग 36.92 अरब डॉलर होने का अनुमान है। 2022-23 से 2024-25 के बीच इस क्षेत्र में हर साल औसतन 16.91 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। क्लीनिकों से सबसे अधिक आय हुई है, जबकि वेलनेस सेक्टर में हर साल औसतन 21.29 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।


आयुष क्षेत्र की आय

आयुष क्षेत्र में विभिन्न क्लीनिक सबसे बड़ा हिस्सा हैं, जिनसे लगभग 16.21 अरब डॉलर की आय होती है, जो इस क्षेत्र की कुल आय का 43.9 प्रतिशत है। इसके अलावा, डे-केयर सेंटरों से लगभग 10.13 अरब डॉलर की आय होती है। इन दोनों का मिलाजुला हिस्सा इस क्षेत्र की कुल आय का 70 प्रतिशत से अधिक है।



विदेशी मरीजों से आय

रिपोर्ट के अनुसार, आयुष से संबंधित चिकित्सा के लिए विदेशों से भारत आने वाले मरीजों से भी आय हो रही है। 2024-25 में इस क्षेत्र से लगभग 1.77 अरब डॉलर की आय होने का अनुमान है। विदेशी मरीजों की संख्या कुल मरीजों का लगभग 5 प्रतिशत है, लेकिन अस्पतालों की कुल आय में उनका योगदान 15 से 25 प्रतिशत तक हो सकता है। ये मरीज आमतौर पर इलाज के लिए 5 से 11 दिन तक रुकते हैं।


रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि 2047 तक आयुष सेवा क्षेत्र का आकार 216 अरब डॉलर से 318 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जिससे चिकित्सा, योग, वेलनेस, शिक्षा और अन्य संबंधित सेवाओं में नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की संभावना है।