आसनसोल में अवैध खनन के दौरान खदान ढहने से तीन मजदूरों की मौत
दर्दनाक हादसा आसनसोल में
कोलकाता: मंगलवार सुबह पश्चिम बंगाल के आसनसोल में एक गंभीर घटना ने क्षेत्र को हिला दिया। अवैध कोयला खनन के चलते एक खुली खदान ढह गई, जिसमें कई श्रमिक फंस गए। यह घटना कुल्टी थाना क्षेत्र के बारिरा इलाके में हुई, जहां भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की खदान में चोरी-छिपे कोयला निकाला जा रहा था। इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि दो को गंभीर स्थिति में बचाया गया।
हादसे का विवरण
यह घटना मंगलवार सुबह लगभग 7:45 बजे हुई, जब कुछ श्रमिक अवैध रूप से खदान में घुस गए थे। बताया गया है कि ये लोग खतरनाक 'रैटहोल' पद्धति से कोयला निकाल रहे थे। अचानक खदान का एक हिस्सा धंस गया और श्रमिक मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचित किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी
घटना की सूचना मिलते ही बीसीसीएल के अधिकारी, पुलिस और भारी मशीनें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। कुल्टी से बीजेपी विधायक अजय पोद्दार ने बताया कि पहले एक शव निकाला गया, उसके बाद दो और शव बरामद किए गए। दो श्रमिकों को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
अवैध खनन पर उठे सवाल
अवैध खनन और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने अवैध खनन के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदान में श्रमिकों का अवैध प्रवेश लंबे समय से हो रहा था। यह भी कहा गया कि सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और खदान प्रबंधन को इसकी जानकारी थी, लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया। आर्थिक मजबूरी के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कोयला निकालने को मजबूर हैं।
प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रियाएं
प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रियाएं
पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी पोन्नाम्बलम एस ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। विधायक अजय पोद्दार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें एक संगठित सिंडिकेट काम कर रहा है, जिसमें पुलिस, केंद्रीय बल और कोयला माफिया शामिल हैं। उनके इस बयान से सियासी हलकों में हलचल मच गई है।
क्षेत्र में शोक का माहौल
इलाके में मातम और पुरानी घटनाओं की याद
हादसे के बाद कुल्टी क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना खनन क्षेत्रों में सुरक्षा की पुरानी समस्या को फिर से उजागर करती है। इससे पहले नवंबर 2025 में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में भी पत्थर की खदान ढहने से कई श्रमिक फंस गए थे। लगातार हो रहे ऐसे हादसे अवैध खनन और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता की ओर इशारा करते हैं।