इंडियन आर्मी डे: साहस और बलिदान का उत्सव
इंडियन आर्मी डे का महत्व
हर साल 15 जनवरी को भारत में इंडियन आर्मी डे मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना के साहस, समर्पण और बलिदान को सम्मानित करने का अवसर है। 2026 में यह विशेष दिन जयपुर में मनाया जाएगा, जहां फील्ड मार्शल केएम करियप्पा के योगदान को याद किया जाएगा, जिन्होंने 1949 में स्वतंत्र भारत में सेना की कमान संभाली थी।
सेना दिवस का महत्व
सेना दिवस का महत्व
इस दिन हम भारतीय थल सेना के जवानों की अदम्य साहस और देशभक्ति को याद करते हैं। ये सैनिक न केवल सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि संकट के समय नागरिकों की सुरक्षा में भी तत्पर रहते हैं। यह दिन उनकी सेवा और बलिदान को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
फील्ड मार्शल केएम करियप्पा का योगदान
फील्ड मार्शल केएम करियप्पा का योगदान
फील्ड मार्शल करियप्पा का जन्म 1899 में कर्नाटक के कुर्ग जिले में हुआ। उन्होंने 20 वर्ष की आयु में ब्रिटिश इंडियन आर्मी में सेवा शुरू की। 1949 में स्वतंत्र भारत में सेना की कमान संभालने वाले पहले व्यक्ति बने। उन्हें 'किपर' के नाम से भी जाना जाता है। करियप्पा 1953 में सेना से रिटायर हुए और भारत के दूसरे फील्ड मार्शल का सम्मान प्राप्त किया।
जयपुर में भव्य परेड
इस बार जयपुर में भव्य परेड
2026 के इंडियन आर्मी डे परेड का आयोजन जयपुर में होगा। इस परेड में भारतीय सेना की ताकत, तकनीकी प्रगति और साहस का प्रदर्शन किया जाएगा। परंपरा के अनुसार, यह परेड विभिन्न शहरों में आयोजित की जा रही है। इससे पहले 2023 में बेंगलुरु, 2024 में लखनऊ और 2025 में पुणे में परेड आयोजित की गई थी।
नई भैरव बटालियन का प्रदर्शन
पहली बार नई भैरव बटालियन का प्रदर्शन
इस बार नई भैरव बटालियन पहली बार परेड में शामिल होगी। यह टीम चीन-पाक सीमा और उच्च जोखिम वाले ऑपरेशनों के लिए तैयार की गई है। इसमें 250 सैनिक शामिल हैं, जिनमें इंफेंट्री, आर्टिलरी, एयर डिफेंस, सिग्नल और सपोर्ट यूनिट्स शामिल हैं। इसके अलावा लद्दाख, कुमाऊं, सिक्किम, डोगरा और गढ़वाल स्काउट्स की बटालियन्स भी मार्च करेंगी।
सेना दिवस का संदेश
सेना दिवस से संदेश
सेना दिवस भारतीय सेना की शक्ति और अनुशासन को दर्शाता है, साथ ही यह देशवासियों में एकता और देशभक्ति की भावना को भी जागृत करता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी स्वतंत्रता और सुरक्षा के पीछे कितने समर्पित जवान खड़े हैं, जो हमेशा देश की सेवा में तत्पर रहते हैं।