इंडोनेशिया में ज्वालामुखी विस्फोट से हवाई यात्रा पर असर
इंडोनेशिया में ज्वालामुखी विस्फोट
इंडोनेशिया का ज्वालामुखी विस्फोट: रविवार को माउंट अनाक क्राकाटाऊ में हुए विस्फोट ने ज्वालामुखी की राख को जावा और सुमात्रा के कुछ क्षेत्रों में 50,000 फ़ीट की ऊंचाई तक फैला दिया। इस घटना ने हवाई यात्रा को बाधित कर दिया और सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुईं। यह ज्वालामुखी, जो पिछले आठ वर्षों से शांत था, अचानक सक्रिय हो गया, जिससे इंडोनेशिया की गतिविधियाँ रुक गईं।
उड़ानों पर प्रभाव:
जकार्ता के सोएकार्नो-हट्टा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ज्वालामुखी की राख के कारण स्थानीय समयानुसार दोपहर 1.30 बजे तक उड़ानों का संचालन रोक दिया गया। इस रोक के चलते 301 उड़ानें प्रभावित हुईं, जिनमें 58 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शामिल थीं, जिससे मुख्य एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री फंस गए।
अधिकारियों ने बताया कि ज्वालामुखीय राख विमान के लिए अत्यंत खतरनाक होती है। राख के छोटे कण विमान के इंजन में पहुंचकर उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, घने राख के बादल पायलटों के लिए दृश्यता में बाधा डाल सकते हैं।
इस ज्वालामुखी विस्फोट का सीधा असर हवाई यात्रियों पर पड़ा। लगभग 209 उड़ानें प्रभावित हुईं और लगभग 22,800 यात्रियों की यात्रा बाधित हुई। कई घरेलू उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कुछ अंतरराष्ट्रीय विमानों के मार्ग में बदलाव किया गया। एयरपोर्ट पर यात्रियों की नजरें लगातार उड़ान संबंधी घोषणाओं पर टिकी रहीं।
स्कूल और मछली पकड़ने पर असर:
आपदा प्रबंधन एजेंसी BNPB ने मौसम में सुधार लाने के लिए एक ऑपरेशन चलाने की योजना बनाई है, जिसमें बारिश कराने और ज्वालामुखी की राख को हटाने के लिए 'क्लाउड-सीडिंग' शामिल हो सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, राख के कारण छात्रों और स्थानीय निवासियों की आँखों में जलन होने के कारण कई स्कूलों ने अपनी गतिविधियाँ रद्द कर दीं, और मछुआरों ने भी मछली पकड़ने का काम रोक दिया।