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इंदौर में दूषित पानी से मौतों का मामला: मंत्री का विवादित बयान

इंदौर में गंदा पानी पीने से 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 200 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विवादास्पद बयान दिया, जिसके बाद उन्होंने खेद भी व्यक्त किया। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए मंत्री की अभद्रता की आलोचना की है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
 

इंदौर में दूषित पानी से मौतें

इंदौर में दूषित पानी: भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में गंदा पानी पीने के कारण अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है, और 200 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इस घटना पर राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जब सवालों का सामना किया, तो वह भड़क गए और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। बाद में, जब मामला बढ़ा, तो विजयवर्गीय ने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया।


मंत्री का स्पष्टीकरण

कैलाश विजयवर्गीय ने एक निजी समाचार चैनल के पत्रकार के साथ हुई अभद्रता पर सफाई देते हुए एक्स पर लिखा, 'मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटे हुए हैं। दूषित पानी से मेरे लोग प्रभावित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए, इस गहरे दुख की स्थिति में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं। लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूँगा।'


कांग्रेस का सरकार पर हमला

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना: मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कैलाश विजयवर्गीय और पत्रकार के बीच हुई बहस का वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'इंदौर में ज़हरीला पानी पीने से मौतों की संख्या 8 से बढ़कर 10 हो गई है, लेकिन भाजपा नेताओं की बदतमीज़ी, बेशर्मी और अहंकार जस का तस बना हुआ है। जब इस जहरीले पानी की ज़िम्मेदारी पर सवाल किया जाता है, तो मंत्री जी पत्रकार पर अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।'