×

इजराइल-ईरान तनाव का असर: एयर इंडिया और अन्य एयरलाइंस की उड़ानें रद्द

पश्चिम एशिया में इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का प्रभाव वैश्विक विमानन सेवाओं पर पड़ रहा है। एयर इंडिया ने कई उड़ानों का निलंबन किया है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली और मुंबई के हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों की सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष सक्रिय किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सुरक्षा स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक उड़ान सेवाओं में व्यवधान जारी रह सकता है।
 

वैश्विक विमानन सेवाओं पर प्रभाव


पश्चिम एशिया में इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का प्रभाव अब वैश्विक विमानन सेवाओं पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। सुरक्षा कारणों और कई देशों द्वारा अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने के चलते एयर इंडिया ने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इजराइल और कतर के लिए अपनी सभी उड़ानों का निलंबन सोमवार रात 11:59 बजे तक बढ़ा दिया है।


इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फंसे यात्री

एयरलाइन ने यह भी बताया कि मध्य पूर्व के संवेदनशील हवाई मार्गों में परिचालन में बाधा के कारण 2 मार्च को यूरोप जाने वाली कुछ उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। इन प्रतिबंधों का सीधा असर यात्रियों पर पड़ा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द या विलंबित होने से बड़ी संख्या में यात्री फंस गए हैं। उड़ानों के समय में लगातार बदलाव के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।


हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि करें, क्योंकि शेड्यूल में अंतिम समय में बदलाव संभव है। यह संकट केवल एयर इंडिया तक सीमित नहीं है। अकासा एयर ने भी 2 मार्च 2026 तक अबू धाबी, दोहा, जेद्दा, कुवैत और रियाद के लिए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड या बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्रा पुनर्निर्धारण का विकल्प दिया है। इसी तरह, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने ईरान और आसपास के क्षेत्रों में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण 110 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं।


अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस पर भी असर

अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस भी इस स्थिति से प्रभावित हुई हैं। दुबई स्थित एमिरेट्स ने 2 मार्च को यूएई समयानुसार दोपहर 3 बजे तक दुबई से आने-जाने वाली उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया, जबकि कतर का हवाई क्षेत्र बंद होने से दोहा के हमाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर भी सेवाएं बाधित रहीं।


भारत के प्रमुख हवाई अड्डों पर भी इसका व्यापक असर देखा गया। दिल्ली में लगभग 100 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 60 प्रस्थान और 40 आगमन शामिल हैं। वहीं, मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर 125 उड़ानें रद्द की गईं। दक्षिण भारत के तिरुचिरापल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर भी कई उड़ानें प्रभावित हुईं।


यात्रियों की सहायता के लिए मंत्रालय सक्रिय

यात्रियों की सहायता के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अपना यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया है। मंत्रालय के अनुसार, हेल्पलाइन, सोशल मीडिया और एयरसेवा पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का तेजी से समाधान किया जा रहा है और अब तक 400 से अधिक यात्रियों की समस्याओं का निपटारा किया जा चुका है।


विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति सामान्य नहीं होती तब तक अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाओं में व्यवधान जारी रह सकता है। एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले नियमित रूप से उड़ानों से जुड़े अपडेट चेक करते रहें, क्योंकि हालात के अनुसार शेड्यूल में तेजी से बदलाव संभव है।