इजराइल का ईरान के गैस फील्ड पर नया हमला, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा
इजराइल का हमला और ईरान की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली। अमेरिका की चेतावनियों के बावजूद, इजराइल ने एक बार फिर से ईरान के सबसे बड़े गैस क्षेत्र, साउथ पार्स, पर मिसाइल से हमला किया है। यह गैस फील्ड दुनिया की सबसे बड़ी मानी जाती है, जिसमें दक्षिणी हिस्सा ईरान के पास और उत्तरी हिस्सा कतर के नियंत्रण में है। इजराइल ने पहले भी 18 मार्च को इस क्षेत्र पर हमला किया था, जिसके बाद ईरान ने कतर के हिस्से पर जवाबी कार्रवाई की थी। इस स्थिति ने वैश्विक गैस आपूर्ति को प्रभावित किया है। इसके अलावा, इजराइल ने सोमवार को तेहरान के निकट तीन हवाई अड्डों और बुशहर में नौसेना के ठिकानों पर भी बड़े हमले किए।
अमेरिका की प्रतिक्रिया और ईरान की धमकी
साउथ पार्स पर पहले हुए हमले के समय, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्हें इस हमले की कोई पूर्व सूचना नहीं थी और ऐसे हमलों को रोकने की आवश्यकता है। फिर भी, इजराइल ने फिर से इस गैस फील्ड को निशाना बनाया। इसके जवाब में, ईरान ने खाड़ी के विभिन्न देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने के पास धमाकों की आवाज सुनाई दी।
ईरान की चेतावनी और हमले की योजना
इजराइल के हमले के बाद, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजराइल के हमले जारी रहे, तो वह वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर सकता है। कतर की मीडिया के अनुसार, ईरान ने होर्मुज के अलावा अन्य समुद्री मार्गों को भी निशाना बनाने की बात कही है। ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि किसी भी बड़े हमले का जवाब केवल सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार पर भी असर डालकर दिया जाएगा।
तेहरान की यूनिवर्सिटी पर आरोप और इजराइल का नया हमला
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजराइल पर तेहरान की शरीफ यूनिवर्सिटी पर हमले का आरोप लगाया, जिसे 'ईरान का एमआईटी' कहा जाता है। ईरान ने इजराइल के रमत गन शहर में भी मिसाइलों से भारी नुकसान पहुंचाया है। इसके साथ ही, ईरान ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। हाल ही में, इजराइल ने ईरान को एक और बड़ा झटका देते हुए आईआरजीसी के इंटेलिजेंस प्रमुख मेजर जनरल सैयद मजीद खदेमी को मार डाला है, जिसकी पुष्टि आईआरजीसी ने की है।