इजराइल-गाजा संघर्ष: मानवीय सहायता में रुकावट और सैन्य रणनीतियाँ
इजराइल का गाजा में सैन्य अभियान
इजराइल-गाजा युद्ध: इजराइल की सेना ने गाजा में एक नया ऑपरेशन शुरू किया है। इस दौरान, इजराइल ने गाजा के सबसे बड़े शहर को युद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया है, जिससे लाखों लोगों को शरण देने वाले क्षेत्रों में मानवीय सहायता को रोक दिया गया है। यह शहर उन स्थानों में से एक था, जहां पिछले महीने इजराइल ने सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक भोजन और सहायता सामग्री पहुंचाने के लिए लड़ाई रोकने का निर्णय लिया था।
ये रणनीतिक विराम गाजा शहर, देर अल-बलाह और मुवासी पर लागू रहे, जहां लाखों विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब इज़राइल अपने आक्रमण को और बढ़ाने की योजना बना रहा है और गाजा शहर पर कब्ज़ा करने के लिए हजारों सैनिकों को तैनात कर रहा है।
गाजा शहर: हमास का मुख्यालय
गाजा शहर हमास का गढ़: इजराइल की सेना ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या उन्होंने दिन में युद्ध शुरू करने की योजना के बारे में निवासियों या सहायता समूहों को सूचित किया था। इजराइल ने पहले कहा है कि गाजा शहर हमास का गढ़ है, जहां आतंकवादी सुरंगों का जाल बिछाए हुए हैं। यह शहर क्षेत्र के महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी केंद्र है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यदि इजराइल ने अपने आक्रमण को जारी रखा, तो क्षेत्र में अस्पतालों की आधी क्षमता समाप्त हो जाएगी।
आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की योजना
आतंकवादी बुनियादी ढांचे को तबाह करने की योजना: इजराइल गाजा में लगभग दो साल से अभियान चला रहा है। जंग को रोकने के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ रहा है, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने अकाल की स्थिति की घोषणा की है। इजरायली हमलों में हर दिन लोग मारे जा रहे हैं। इजरायली सेना गाजा शहर पर कब्जा करने की तैयारी कर रही है और आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की योजना बना रही है।