इजरायल-लेबनान शांति समझौता: क्षेत्रीय तनाव में कमी की उम्मीद
इजरायल और लेबनान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता
इजरायल-लेबनान शांति समझौता: लंबे समय से संघर्ष में उलझे इजरायल और लेबनान के बीच अब शांति की एक नई किरण दिखाई दे रही है। यह समझौता मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इजरायल और लेबनान ने अमेरिका की मध्यस्थता में एक ऐतिहासिक ढांचे (Historical Framework) पर हस्ताक्षर किए हैं।
चार दिनों की वार्ता के बाद यह सहमति वाशिंगटन में बनी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इजरायल और लेबनान के राजदूतों के साथ मिलकर इस समझौते की घोषणा की, जिसे इजरायली बलों और लेबनान के चरमपंथी समूह हिजबुल्लाह के बीच चल रहे संघर्ष के बाद शांति की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है।
हालांकि, अधिकारियों ने समझौते की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की, जिस पर अमेरिका में इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर और लेबनान की राजदूत नादा हमदेह ने हस्ताक्षर किए।
हिजबुल्लाह के लिए शर्तें
इस समझौते की सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि हिजबुल्लाह को दक्षिणी लेबनान में अपनी सभी सैन्य गतिविधियों को समाप्त करना होगा। उन्हें अपने लड़ाकों और हथियारों को इस क्षेत्र से हटाना होगा। समझौते के अनुसार, लेबनान की सेना दक्षिणी क्षेत्र में सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी, जिसके बदले इजरायली रक्षा बल (IDF) धीरे-धीरे पीछे हटेंगे।
इजरायली राजदूत ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य लेबनान के साथ अच्छे पड़ोसी संबंध स्थापित करना है, ताकि भविष्य में लोग बिना किसी डर के यात्रा कर सकें। हालांकि, यह सब इस बात पर निर्भर करेगा कि हिजबुल्लाह का आतंकवादी ढांचा कितनी जल्दी समाप्त होता है।
हालांकि, हिजबुल्लाह ने इस अमेरिका समर्थित प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। संगठन के सांसद हसन फदलल्लाह ने कहा कि हिजबुल्लाह अपने हथियार नहीं छोड़ेगा और आरोप लगाया कि यह समझौता लेबनान को गृहयुद्ध की ओर धकेलने का प्रयास है।