×

इजरायल-हमास शांति समझौता: ट्रंप का ऐलान और नई दिशा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और हमास के बीच एक महत्वपूर्ण शांति समझौते की घोषणा की है। इस समझौते के तहत हमास अपने हथियार छोड़ने के लिए सहमत हो गया है, और गाजा में एक नया प्रशासन स्थापित किया जाएगा। समझौते का कार्यान्वयन चरणबद्ध तरीके से होगा, जिसमें इजरायली सेना की वापसी भी शामिल है। ट्रंप ने इस प्रक्रिया में मध्यस्थता करने वाले देशों का धन्यवाद किया है। जानें इस समझौते के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

ट्रंप का दावा: शांति समझौता हुआ


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और हमास के बीच एक शांति समझौते की घोषणा की है। उनके अनुसार, हमास अपने हथियार छोड़ने के लिए तैयार है। इस समझौते के तहत गाजा में एक नया प्रशासन स्थापित किया जाएगा और इजरायली सेना पीछे हट जाएगी। ट्रंप ने बताया कि नवगठित शांति बोर्ड ने हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर सहमति जताई है।


समझौते का कार्यान्वयन चरणबद्ध होगा

ट्रंप के अनुसार, यह समझौता कई चरणों में लागू होगा। जैसे-जैसे हमास अपने हथियार छोड़ता जाएगा, इजरायली सेना गाजा से पीछे हटेगी। इसके बाद एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल और नई फिलिस्तीनी पुलिस गाजा की सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। द टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार, हमास के हथियार छोड़ने की प्रक्रिया के बाद 14 दिन की समय सीमा शुरू होगी, जिसमें समझौते के हर चरण को लागू करने की टाइमलाइन तय की जाएगी।


हमास का निर्णय: अपने लोगों के हित में

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान चाहता था कि हमास इस समझौते को न माने। लेकिन अब ईरान पहले की तरह हमास की मदद नहीं कर सकता, इसलिए हमास ने अपने और गाजा के लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया।


द टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड के अधिकारियों ने हमास डेलिगेशन से जल्दबाजी में प्रस्ताव स्वीकार न करने को कहा था, लेकिन अंततः हमास ने इसे मान लिया।


शांति बोर्ड की भूमिका

‘शांति बोर्ड’ एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता मंच है, जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में स्थापित किया। इस बोर्ड के अध्यक्ष स्वयं ट्रंप हैं, और इसमें कई वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय हस्तियां शामिल हैं, जैसे कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो और पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर।


मध्यस्थता के लिए धन्यवाद

ट्रंप ने इस समझौते के लिए मध्यस्थता करने वाले मिस्र, कतर और तुर्की का धन्यवाद किया और अपने प्रशासन की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक सफलता संभव बनाने में उनकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।