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इस्राइल का लेबनान पर हवाई हमला: सात लोगों की मौत

इस्राइल ने लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई। इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, और इस्राइल ने अपने उत्तरी बॉर्डर पर उच्च अलर्ट घोषित किया है। स्कूलों को बंद कर दिया गया है और सार्वजनिक सभाओं पर पाबंदियां लगाई गई हैं। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर भी इस कार्रवाई का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जानें इस संकट की पूरी जानकारी और इसके संभावित परिणाम।
 

हिजबुल्ला के ठिकानों पर इस्राइल की बमबारी


वायुसेना ने हिजबुल्ला के 70 से ज्यादा ठिकानों पर की बमबारी, क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंचा


West Asia Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रयासों के बीच, इस्राइल ने लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस्राइल की वायुसेना ने आज सुबह लेबनान की सीमा में घुसते हुए हिजबुल्ला के 70 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया। लेबनान की सरकारी एजेंसी ने इन हमलों की पुष्टि की है, जिसमें सात लोगों की मौत और कई अन्य घायल होने की सूचना है।


मलबे से निकाले गए शव

लेबनान से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस्राइल के हवाई हमलों से भारी नुकसान हुआ है। मश्घरा क्षेत्र में हुए हमले में पांच लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए हैं। बमबारी के कारण कई घरों को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद बचाव दल ने मलबे के नीचे से शवों और घायलों को निकाला। इसी तरह कौथारियत अल-सियाद में एक अन्य हमले में दो लोगों की मौत हुई और दो अन्य घायल हुए।


स्कूल बंद, सभाओं पर रोक

हिजबुल्ला की संभावित प्रतिक्रिया और ड्रोन हमलों के मद्देनजर, इस्राइल ने अपने उत्तरी बॉर्डर क्षेत्रों में उच्च अलर्ट घोषित किया है। इस्राइल के होम फ्रंट कमांड ने मंगलवार से नई पाबंदियां लागू की हैं। अब खुले में आयोजित कार्यक्रमों में केवल 50 लोग और बंद कमरों में 200 लोग ही शामिल हो सकेंगे। पहले खुले में 200 और अंदर 600 लोगों के जुटने की अनुमति थी। इसके साथ ही उत्तरी इस्राइल के सभी स्कूलों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।


अमेरिका-ईरान वार्ता पर पड़ सकता है असर

इस्राइल की इस कार्रवाई का अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ज्ञात हो कि अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद, हिजबुल्ला ने ईरान के समर्थन में युद्ध में भाग लिया था और इस्राइल सेना पर कई बार हमले किए थे। युद्ध विराम के प्रस्ताव पर ईरान ने अमेरिका के सामने शर्त रखी थी कि इस्राइल भी लेबनान के खिलाफ की जा रही सैन्य कार्रवाई को बंद करे। ईरान हमेशा से अपने खिलाफ और लेबनान में मौजूद हिजबुल्ला के खिलाफ हमलों को पूरी तरह से रोकने के पक्ष में रहा है।