इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की तैयारी
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद पहली वार्ता शुक्रवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित की जाएगी। इससे पहले, पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ गया है। इजराइल ने लेबनान पर हमले जारी रखे हैं और कहा है कि लेबनान समझौते का हिस्सा नहीं है। दूसरी ओर, ईरान ने लेबनान के लोगों को अपना भाई-बहन बताते हुए हमले को युद्धविराम का उल्लंघन करार दिया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि युद्ध समाप्त नहीं हुआ है और उसकी उंगली अभी भी ट्रिगर पर है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि जब तक अंतिम समझौता नहीं होता, अमेरिकी सैनिक ईरान के आसपास तैनात रहेंगे।
वार्ता में शामिल होने वाले प्रतिनिधि
पाकिस्तान में होने वाली वार्ता में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों की सूची अभी स्पष्ट नहीं है। पहले यह बताया गया था कि अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद जा सकते हैं, लेकिन ट्रंप ने सुरक्षा कारणों से उनके यात्रा को टालने की बात कही है। इसके अलावा, ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के शामिल होने की संभावना है। ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची, संसद के प्रमुख मोहम्मद बाक़र गालिबाफ़ और मजीद तख्त रवांछी के शामिल होने की चर्चा है। पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर वार्ता में भाग लेंगे।
ईरान का होर्मुज की खाड़ी पर कदम
ईरान ने होर्मुज की खाड़ी को लेकर एक ऐसा कदम उठाया है, जिससे तनाव बढ़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा है कि युद्धविराम के दौरान केवल 15 जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी। ध्यान देने योग्य है कि युद्ध शुरू होने से पहले, होर्मुज की खाड़ी से प्रतिदिन 130 जहाज गुजरते थे। यह समुद्री मार्ग दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन करता है, और भारत का 40 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से आता है।
इजराइल का लेबनान पर हमला जारी
हालांकि, 40 दिन की लड़ाई के बाद बुधवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले बंद कर दिए, लेकिन इजराइल का लेबनान पर हमला जारी है। इजराइल ने दावा किया है कि उसने हिजबुल्ला के 100 ठिकानों को नष्ट कर दिया है। बुधवार को हुए हमले में लेबनान में 250 लोग मारे गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। ईरान का कहना है कि लेबनान भी युद्धविराम समझौते का हिस्सा है, जबकि अमेरिका और इजराइल का कहना है कि लेबनान समझौते में शामिल नहीं है। इस बीच, लेबनान के प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से फोन पर बात की और कहा कि इस मामले में स्पष्टता लाने का कार्य पाकिस्तान को करना है।
ईरान के उप विदेश मंत्री का बयान
ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘आने वाले घंटे बहुत अहम हैं’। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खतीबज़ादेह ने पुष्टि की है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाएगा। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समझौते पर पहुंचने से पहले अमेरिका को यह सुनिश्चित करना होगा कि इजराइल लेबनान पर हमले बंद करे।