ईंधन की कीमतों में वृद्धि: मोदी सरकार पर विपक्ष का हमला
डीजल-पेट्रोल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी
नई दिल्ली। देश में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि हुई है। यह 10 दिनों में चौथी बार है जब ईंधन की कीमतें बढ़ाई गई हैं, जिससे विपक्षी दल मोदी सरकार को घेरने में जुट गए हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईंधन की कीमतों में हर वृद्धि घरेलू बजट पर एक और झटका है, जिसका व्यापक असर अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र पर पड़ता है। किसानों से लेकर छोटे और मध्यम उद्यमों तक, हर वर्ग भाजपा की लूट का शिकार हो रहा है।
खरगे ने आगे लिखा कि पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है। पिछले 10 दिनों में पेट्रोल की कीमत ₹7.35 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹7.53 प्रति लीटर बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने आम जनता की बचत को जलाने के लिए पेट्रोल की कीमतें बढ़ाई हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 2004 से 2014 के बीच, यूपीए सरकार के दौरान, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में 175.34% की वृद्धि हुई थी, जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में यह कीमतें स्थिर रही हैं।
इसके बावजूद, मोदी सरकार ने पेट्रोल की कीमत 2014 में ₹71.41 प्रति लीटर से बढ़ाकर 2026 में ₹102.12 प्रति लीटर कर दी है, जो कि 43.01% की वृद्धि है। इसी तरह, डीजल की कीमत भी ₹56.71 प्रति लीटर से बढ़कर ₹95.20 प्रति लीटर हो गई है, जो 67.87% की वृद्धि दर्शाता है। पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने ₹43 लाख करोड़ की लूट की है, यानी हर दिन ₹1000 की लूट।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चौथी बार वृद्धि के साथ, आज एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी के शेयरों में क्रमशः 5.8%, 4.44% और 3.90% की वृद्धि हुई है। जनता से ऊपर मुनाफा, भाजपा के डीएनए में बसा है। ईंधन की कीमतों में हर वृद्धि घरेलू बजट पर एक और झटका है, और इसका अर्थव्यवस्था के हर पहलू पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। किसानों से लेकर लघु एवं मध्यम उद्यमों तक, समाज का हर वर्ग भाजपा की लूट का खामियाजा भुगत रहा है। हम फिर से दोहराते हैं। इस दैनिक लूट से किसे फायदा हो रहा है?