ईरान-अमेरिका शांति वार्ता: क्षेत्र में शांति के लिए अमेरिकी हस्तक्षेप का अंत आवश्यक
अमेरिकी सैन्यवाद का अंत जरूरी
तेहरान में शांति वार्ता के दौरान तनाव बढ़ा
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता में हाल के बयानों ने क्षेत्र में तनाव को फिर से बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत बंद करने की चेतावनी दी थी। इसके जवाब में, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि जब तक अमेरिका का हस्तक्षेप जारी रहेगा, तब तक क्षेत्र में शांति संभव नहीं है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कोई भी इस बात से धोखा नहीं खा सकता। जब तक अमेरिकी सैन्यवाद और हस्तक्षेप जारी रहेगा, तब तक हमारे क्षेत्र में शांति नहीं हो सकती। इसके साथ ही, उनका सहयोगी (इस्राइल) क्षेत्र में युद्ध, नरसंहार, आतंकवादी हिंसा और अन्य अत्याचारों को बढ़ावा देता रहेगा।
ट्रंप का होर्मुज जलडमरूमध्य पर बयान
समझौते में शुल्क अस्वीकार्य: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से स्पष्ट किया है कि यदि समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी प्रकार का शुल्क शामिल हुआ, तो यह उनके लिए 'अस्वीकार्य' होगा। ट्रंप ने नाटो महासचिव मार्क रूटे के साथ बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
जब उनसे पूछा गया कि यदि अंतिम ईरान समझौते में जहाजरानी पर शुल्क शामिल हुआ तो क्या वह इसे रोक देंगे, ट्रंप ने कहा, 'हां, यह मेरे लिए अस्वीकार्य होगा।' उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में कई अन्य जलडमरूमध्य हैं और यदि ऐसा किया गया, तो अन्य जलडमरूमध्य के लिए भी ऐसा करना होगा।