×

ईरान-अमेरिका संघर्ष में फंसे भारतीयों के लिए राहत: उड़ान सेवाएं फिर से शुरू

पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच फंसे हजारों भारतीयों के लिए राहत की खबर आई है। भारत ने सीमित उड़ान सेवाएं फिर से शुरू की हैं, जिससे नागरिकों को घर लौटने की उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार ने सुरक्षा की समीक्षा की है और राज्यों ने भी निकासी प्रक्रिया को तेज करने के लिए कदम उठाए हैं। जानें इस संकट के समय में सरकार और राज्य प्रशासन की कोशिशों के बारे में।
 

नई दिल्ली में राहत की उम्मीद


नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष के कारण फंसे हजारों भारतीयों के लिए राहत की एक अच्छी खबर आई है। लगातार चार दिनों से जारी तनाव और हवाई क्षेत्र में प्रतिबंधों के बावजूद, भारत के लिए कुछ सीमित उड़ान सेवाएं फिर से शुरू की गई हैं। हालाँकि स्थिति अभी भी पूरी तरह से सामान्य नहीं है, लेकिन इन उड़ानों से घर लौटने की उम्मीद जगी है।


विशेष उड़ानों का संचालन

सप्ताहांत में बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने के बाद, मंगलवार से कुछ विशेष और निर्धारित उड़ानों का संचालन शुरू किया गया है। इंडिगो ने घोषणा की है कि 3 मार्च को जेद्दा से हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए 10 विशेष राहत उड़ानें चलाई जाएंगी। ये उड़ानें नियामक मंजूरी और हवाई क्षेत्र की स्थिति पर निर्भर रहेंगी। एयरलाइन जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के साथ मिलकर फंसे यात्रियों की सूची और प्राथमिकता तय कर रही है।


सरकार की सक्रियता

केंद्र सरकार की सक्रियता


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक में खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा की समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिया गया कि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता और निकासी की व्यवस्था की जाए।


केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सरकार भारतीय दूतावासों के संपर्क में है और जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा। उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, क्योंकि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।


राज्यों की पहल

राज्यों की पहल और नियंत्रण कक्ष


कर्नाटक सरकार ने बताया कि उसके 109 नागरिक खाड़ी देशों में फंसे हैं, जिनमें 100 दुबई और 9 बहरीन में हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर निकासी प्रक्रिया तेज करने और एक समन्वित तंत्र बनाने की मांग की है। राज्य में आपातकालीन संचालन केंद्र 24 घंटे सक्रिय कर दिए गए हैं। आंध्र प्रदेश सरकार ने भी अपने नागरिकों की वापसी के लिए कदम उठाए हैं।


आंध्र प्रदेश अनिवासी तेलुगु सोसाइटी ने फंसे लोगों को ओमान के मस्कट के रास्ते कोच्चि लौटने का सुझाव दिया है, क्योंकि मस्कट-कोच्चि उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए हेल्पलाइन भी जारी की गई है। तेलंगाना ने दिल्ली स्थित तेलंगाना भवन में कंट्रोल रूम बनाया है, जबकि पंजाब सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए चौबीसों घंटे हेल्पलाइन शुरू की है। उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों ने भी विदेश मंत्रालय से संपर्क बनाए रखा है।


छात्रों और प्रवासियों की चिंता

छात्रों और प्रवासियों की चिंता


ईरान में पढ़ाई कर रहे कुछ भारतीय छात्र भी वहां फंसे हुए हैं। परिवारों का कहना है कि उनसे सीमित संपर्क हो पा रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द सुरक्षित वापसी की अपील की है। पश्चिम एशिया में लाखों भारतीय काम और व्यवसाय से जुड़े हैं। ऐसे में सीमित उड़ानों की बहाली से शुरुआती राहत जरूर मिली है, लेकिन बड़े पैमाने पर निकासी की योजना सुरक्षा स्थिति और हवाई क्षेत्र के पूरी तरह खुलने पर निर्भर करेगी। फिलहाल सरकार और राज्य प्रशासन मिलकर हर संभव मदद देने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि संकट के इस समय में भारतीय सुरक्षित अपने घर लौट सकें।