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ईरान-इजराइल संघर्ष: ट्रंप का अमेरिका की सेना को वापस बुलाने का संकेत

ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका की सेना जल्द ही ईरान से वापस लौट सकती है। इस संघर्ष के चलते क्षेत्रीय स्थिति और भी जटिल हो गई है। लेबनान में इजराइल के हमलों के कारण कई लोग मारे गए हैं, जबकि ईरान ने अमेरिका के प्रमुख संस्थानों को निशाना बनाने की धमकी दी है। वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है, और कूटनीतिक हल की उम्मीदें भी जताई जा रही हैं।
 

संघर्ष की जटिलता


नई दिल्ली: ईरान और इजराइल के बीच चल रहा युद्ध अब दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है, जिससे क्षेत्रीय स्थिति और भी जटिल हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिकी सेना जल्द ही ईरान से वापस लौट सकती है, जिसके लिए उन्होंने दो से तीन हफ्तों का समय बताया है। इस बीच, सैन्य और कूटनीतिक प्रयास दोनों जारी हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि यदि भविष्य में संघर्ष की पुनरावृत्ति की गारंटी दी जाए, तो उनका देश युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार है।


लेबनान में धमाके

लेबनान के बेरूत में आज सुबह कई जोरदार धमाके हुए, जिससे जनाह क्षेत्र में धुएं के बड़े गुबार उठते दिखाई दिए। इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने हिज़्बुल्लाह के एक वरिष्ठ कमांडर को निशाना बनाया है। लेबनान में इजराइल के हमले तेज हो गए हैं, जिसमें कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है, जिनमें एक पैरामेडिक भी शामिल है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि सैन्य अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और यह जारी रहेगा।


वैश्विक चिंता

तेहरान में भी धमाकों की खबरें आई हैं, जहां एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं। वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है। पोप लियो XIV ने शांति की उम्मीद जताई है और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष जल्द नहीं रुका, तो मानवीय संकट और आर्थिक नुकसान और गंभीर हो सकते हैं।


ईरान की धमकी

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष जारी रहा, तो वह अमेरिका के प्रमुख संस्थानों को निशाना बनाएगा, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एप्पल, और अन्य कंपनियों का नाम शामिल है। ट्रंप ने कहा है कि उनका होर्मुज स्ट्रैट से कोई लेना-देना नहीं है और वे इसके बिना भी ईरान युद्ध को समाप्त कर सकते हैं। इससे वैश्विक तेल संकट की स्थिति और भी जटिल हो गई है।


ईरान का हमला

ईरान ने दावा किया है कि उसने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत अमेरिका और इजराइल से जुड़े ठिकानों पर बड़ा हमला किया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, बैलिस्टिक मिसाइलों से एक इजराइल से जुड़े कंटेनर जहाज को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा, विस्फोटक ड्रोन से अमेरिकी मरीन के ठिकाने पर भी हमला किया गया है। ईरान ने यह भी कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका पूरा नियंत्रण बना हुआ है।


सीरिया की स्थिति

सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शराआ ने कहा है कि उनका देश अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से खुद को दूर रखेगा। उन्होंने कहा कि जब तक सीरिया पर सीधे और बड़े स्तर पर हमला नहीं होता, तब तक वह किसी भी जंग में शामिल नहीं होगा।


अंतिम चरण की ओर युद्ध

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में ईरानी अधिकारियों के साथ सीधी बातचीत हो सकती है, जिससे कूटनीतिक हल की उम्मीद बढ़ी है।