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ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव: पुलों पर खतरे की चेतावनी

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है, जहां ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद खाड़ी देशों में पुलों को संभावित निशाना बनाने की चेतावनी दी है। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कई पुलों की पहचान की है। इस घटना में हताहतों की संख्या भी बढ़ी है। अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।
 

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

तेहरान: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच, ईरान ने अमेरिका और इजरायल से संबंधित घटनाओं पर नए आरोप लगाए हैं। सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली हमलों ने तेहरान के निकट एक महत्वपूर्ण पुल को निशाना बनाया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।


IRGC की संभावित जवाबी कार्रवाई

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी “फार्स” के अनुसार, इस हमले के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने खाड़ी देशों और जॉर्डन में लगभग 8 पुलों को संभावित जवाबी कार्रवाई के लक्ष्यों के रूप में पहचाना है। रिपोर्ट में कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और जॉर्डन के कुछ प्रमुख पुलों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं हो सकी है।


हमले में हताहत

ईरानी मीडिया के अनुसार, अल्बोरज प्रांत में हुए इस कथित हमले में कुछ लोगों की मौत और कई अन्य के घायल होने की सूचना है। बताया गया है कि ये लोग पास में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए एकत्रित हुए थे।


अमेरिका की प्रतिक्रिया

इस घटना पर अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए कुछ वीडियो और बयानों के आधार पर स्थिति को लेकर विभिन्न दावे किए जा रहे हैं।


ईरान का बयान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि नागरिक ढांचों को निशाना बनाकर ईरान पर दबाव नहीं डाला जा सकता और इससे केवल तनाव बढ़ेगा।


विशेषज्ञों की चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दावों और जवाबी चेतावनियों से क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है। इस स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।