ईरान का अमेरिका को कड़ा संदेश: परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम जारी रहेगा
ईरान का दृढ़ संकल्प
नई दिल्ली। ईरान ने अमेरिका के सामने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। उसने घोषणा की है कि वह न तो अपने परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करेगा और न ही मिसाइल कार्यक्रम को बंद करेगा। यह संदेश ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने देश के राष्ट्रीय टेलीविजन पर पढ़ा। खामेनेई ने कहा कि उनका देश अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं से किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेगा।
खामेनेई का यह लिखित बयान सरकारी टीवी पर प्रसारित किया गया। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी "परमाणु और मिसाइल ताकत" को अपनी संपत्ति मानता है और इसे हर हाल में सुरक्षित रखेगा। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज की खाड़ी में एक नया युग शुरू हो चुका है, जो क्षेत्र में शांति, विकास और आर्थिक लाभ लाएगा।
अमेरिका पर निशाना साधते हुए खामेनेई ने कहा कि अमेरिका के सैन्य ठिकाने इतने कमजोर हैं कि वे अपनी सुरक्षा भी ठीक से नहीं कर सकते। ऐसे में वे अन्य देशों को सुरक्षा देने का दावा कैसे कर सकते हैं? उन्होंने भविष्यवाणी की कि मध्य पूर्व का भविष्य अमेरिका के बिना होगा और यह क्षेत्र अधिक सुरक्षित और बेहतर बनेगा।
खामेनेई ने यह भी बताया कि ईरान की सेना ने युद्ध के दौरान मजबूती, सतर्कता और बहादुरी का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में फारस की खाड़ी का क्षेत्र अमेरिका के बिना अधिक सुरक्षित होगा। इस बीच, मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। सुप्रीम लीडर बनने के बाद से वे कभी भी सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं और उनके सभी बयान लिखित रूप में ही आते हैं, जिन्हें सरकारी टीवी पर पढ़ा जाता है। ईरान में लोगों का मानना है कि यह सुरक्षा कारणों से किया जाता है।