ईरान का अमेरिका-ब्रिटेन सैन्य बेस पर मिसाइल हमला: युद्ध की स्थिति गंभीर
ईरान ने डिएगो गार्सिया पर मिसाइलें दागीं
3800 किमी दूर डिएगो गार्सिया पर 2 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, टारगेट से चूकी
ईरान ने शुक्रवार की सुबह हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने दो मिसाइलें दागीं, लेकिन वे लक्ष्य को भेदने में असफल रहीं। यह बेस ईरान के तट से लगभग 3810 किलोमीटर दूर है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल के साथ चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए केवल सीजफायर पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे पूरी तरह से समाप्त करना होगा। उन्होंने एक जापानी समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि यह युद्ध ईरान पर थोपा गया है।
ईरान की आत्मरक्षा की रणनीति
अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरान जो भी कदम उठा रहा है, वह आत्मरक्षा के तहत है और वह अपनी रक्षा के लिए आवश्यक समय तक कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि ईरान सीजफायर को स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि वह पिछले साल जैसी स्थिति नहीं चाहता।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह युद्ध हमेशा के लिए समाप्त होना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति
अराघची ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद नहीं है। जो देश ईरान से संपर्क करेंगे, उनके जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह रूट केवल उन देशों के लिए बंद है जो ईरान पर हमले कर रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य गतिविधियाँ
अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ा रहा है। हालिया सैटेलाइट इमेज से पता चला है कि तीन अमेरिकी वॉरशिप, जिनमें यूएसएस त्रिपोली, यूएसएस सैन डिएगो और यूएसएस न्यू ऑरलियंस शामिल हैं, मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहे हैं। इन पर लगभग 2200 सैनिक तैनात हैं।
अल-अक्सा मस्जिद का बंद होना
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच पिछले 22 दिनों से युद्ध चल रहा है। इस स्थिति के कारण, 60 वर्षों में पहली बार इजराइल के यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को ईद की नमाज के लिए बंद कर दिया गया है। यह मुसलमानों के लिए मक्का और मदीना के बाद तीसरा सबसे पवित्र स्थल है।