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ईरान का स्थायी युद्ध समाप्ति का प्रस्ताव, क्षेत्र में शांति की मांग

ईरान ने अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच स्थायी युद्ध समाप्ति की मांग की है। तेहरान का कहना है कि संघर्ष केवल ईरान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति स्थापित होनी चाहिए। इसके साथ ही, ईरान ने समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति की सुरक्षा की आवश्यकता भी जताई है। खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन हमलों ने स्थिति को और भी तनावपूर्ण बना दिया है। जानें ईरान की चेतावनी और उसके परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए की गई तैयारियों के बारे में।
 

ईरान की स्थायी शांति की मांग


तेहरान की शांति की अपील


तेहरान में ईरान ने अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। ईरान का कहना है कि वह युद्ध को केवल अस्थायी रूप से समाप्त नहीं करना चाहता, बल्कि स्थायी रूप से शांति की स्थापना चाहता है। ईरान की मांग है कि संघर्ष केवल उसके देश तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे क्षेत्र, विशेषकर लेबनान में भी शांति स्थापित की जाए।


ईरान ने समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति के मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी आवश्यकता जताई है। अमेरिका के प्रस्ताव में युद्ध समाप्त करने, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने की शर्तें शामिल थीं। यह जलमार्ग विश्व में तेल और गैस की आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण रास्ता है।


कतर में ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव की स्थिति


हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन हमलों ने स्थिति को और भी तनावपूर्ण बना दिया है। कतर के पास एक जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ, जबकि संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन देखे। यूएई ने दावा किया कि उसने दो ड्रोन को मार गिराया और इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया।


हालांकि, इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ। कतर ने इस हमले को बेहद गंभीर बताया और कहा कि इससे समुद्री व्यापार और आवश्यक आपूर्ति को खतरा हो गया है। कुवैत की सेना ने भी ड्रोन गतिविधियों की पुष्टि की, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि ये ड्रोन कहां से आए थे। यह संघर्ष फरवरी में अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ था।


फ्रांस और ब्रिटेन को ईरान की चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा मिशन पर विवाद


फ्रांस और ब्रिटेन की योजना के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्ध समाप्ति के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा मिशन चलाने की बात सामने आई है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि किसी विदेशी देश का जहाज अमेरिकी कार्रवाई में सहयोग करता है, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।


फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यह कोई सैन्य तैनाती नहीं होगी, बल्कि समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन होगा। पिछले सप्ताह में फारस की खाड़ी में कई जहाजों पर हमले हुए हैं।


ईरान की परमाणु ठिकानों की सुरक्षा

ईरानी सेना की तैयारियां


ईरान ने यह भी कहा है कि उसके परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए सेना पूरी तरह तैयार है। ईरानी सेना के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि विदेशी ताकतें घुसपैठ या हेलीकॉप्टर ऑपरेशन के जरिए संवर्धित यूरेनियम चुराने की कोशिश कर सकती हैं। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी के अनुसार, ईरान के पास 60 प्रतिशत तक संवर्धित 440 किलोग्राम से अधिक यूरेनियम है, जो हथियार बनाने की क्षमता के काफी करीब माना जाता है।