×

ईरान की अमेरिका को चेतावनी: हमले जारी रहने पर होगा कड़ा जवाब

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे, तो वह कड़ा जवाब देगा। यह बयान तब आया जब अमेरिकी सेना ने ईरानी मिसाइल लॉन्च स्थलों पर हमला किया। आईआरजीसी ने कहा कि पिछले 24 घंटों में 25 जहाज सुरक्षित रूप से गुजरे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। जानें इस संघर्ष की पूरी कहानी।
 

ईरान की प्रतिक्रिया

तेहरान: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसके खिलाफ हमले जारी रहे, तो वह जवाबी कार्रवाई करने के लिए तैयार है। यह बयान तब आया जब अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट ईरानी मिसाइल लॉन्च स्थलों और सशस्त्र नौकाओं पर हमला किया। आईआरजीसी ने यह भी बताया कि पिछले 24 घंटों में 25 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजरे हैं, जिनमें तेल टैंकर, कंटेनर शिप और अन्य वाणिज्यिक जहाज शामिल थे। इन जहाजों को पहले अनुमति दी गई थी और फिर सुरक्षित मार्ग प्रदान किया गया।


आईआरजीसी की स्थिति

आईआरजीसी की आधिकारिक समाचार एजेंसी सेपा न्यूज द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि उनकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर 'स्मार्ट और कड़ा नियंत्रण' बनाए रखे हुए है। साथ ही, किसी भी 'हमलावर कार्रवाई' का 'कड़ा और जोरदार जवाब' देने की चेतावनी दी गई है। इससे पहले, अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च स्थलों और बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं पर हमला किया था। यह जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने साझा की।


अमेरिकी सेना की कार्रवाई

सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने कहा, “अमेरिकी सेना ने आज दक्षिणी ईरान में आत्मरक्षा के तहत कार्रवाई की, ताकि हमारे सैनिकों को ईरानी बलों से होने वाले खतरे से बचाया जा सके।” उन्होंने बताया कि निशाने पर मिसाइल लॉन्च साइट्स और वे ईरानी नौकाएं थीं जो समुद्र में माइन बिछाने का प्रयास कर रही थीं। उन्होंने यह भी कहा कि “सीज़फायर के दौरान भी अमेरिकी सेंट्रल कमांड संयम बरतते हुए अपनी सेना की सुरक्षा करेगा।”


सीजफायर पर खतरा

इन हमलों ने पहले से ही कमजोर चल रहे युद्धविराम पर खतरा बढ़ा दिया है। 8 अप्रैल से लागू इस सीजफायर के दौरान अमेरिका और ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते की कोशिश कर रहे हैं। इस संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, विशेषकर तेल और ऊर्जा आपूर्ति में भारी रुकावट आई है।


ईरान का नियंत्रण

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है, जबकि अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रही है। पिछले हफ्ते, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि इस नौसैनिक नाकेबंदी के कारण 100 जहाजों का मार्ग बदलना पड़ा और चार जहाजों को रोका गया।


ईरान की सख्ती

ईरान ने 28 फरवरी से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी पकड़ और सख्त कर दी थी। उसने उन जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने से मना कर दिया था जो इजरायल या अमेरिका से जुड़े थे। यह निर्णय दोनों देशों द्वारा ईरानी क्षेत्र पर संयुक्त हमलों के बाद लिया गया था। दूसरी ओर, अमेरिका ने भी इस समुद्री मार्ग पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू की है, जिससे ईरानी बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।