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ईरान की समुद्री आक्रामकता: भारत की ओर बढ़ रहे जहाजों पर हमला

ईरान ने एक बार फिर से समुद्र में अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए भारत की ओर आ रहे जहाजों पर हमला किया है। इस घटना में दो जहाजों को जब्त किया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं। हाल ही में ईरान ने तीन अन्य जहाजों पर भी हमले किए थे, जिससे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर सुरक्षा के मुद्दे पर सवाल उठ रहे हैं। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

ईरान ने समुद्र में दिखाई ताकत

तेहरान: ईरान ने एक बार फिर से समुद्र में अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से भारत की दिशा में आ रहे जहाजों पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अचानक हमला कर उन्हें अपने नियंत्रण में ले लिया है। ईरानी सेना ने दो जहाजों को जब्त किया है और उन्हें ईरान की ओर ले जाया जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने इस समुद्री मार्ग पर भारत की ओर बढ़ रहे जहाजों को निशाना बनाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं।


नियमों का उल्लंघन बताकर जहाजों को जब्त किया

ईरान के सरकारी मीडिया ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि होर्मुज स्ट्रेट को पार करने का प्रयास कर रहे दो जहाजों को आईआरजीसी ने रोक लिया है और उन्हें ईरान ले जाया जा रहा है। न्यूज मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अपने बयान में कहा है कि उनकी नौसेना ने आज सुबह होर्मुज स्ट्रेट में नियमों का उल्लंघन करने वाले दो जहाजों की पहचान की और उन्हें अपने कब्जे में ले लिया।


बुधवार को भी तीन जहाजों पर किया गया हमला

ईरान की समुद्री आक्रामकता लगातार बढ़ती जा रही है। इससे पहले बुधवार को भी होर्मुज में तीन कंटेनर जहाजों पर ईरान द्वारा हमले की खबर आई थी। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर (यूकेएमटीओ) की रिपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी की एक गनबोट ने ओमान से लगभग 15 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में यूनानी कंपनी के स्वामित्व वाले कंटेनर जहाज एपामिनोंडास पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की थी। इस हमले में जहाज के ब्रिज को काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन सभी क्रू सदस्य सुरक्षित रहे। इसके बाद ईरान ने पनामा का झंडा लगे यूएई की एक कंपनी के जहाज यूफोरिया पर भी हमला किया, जिसमें जहाज और क्रू दोनों सुरक्षित रहे।


एमएससी फ्रांसेस्का पर हुआ बड़ा हमला

ईरानी सेना का कहर यहीं नहीं रुका। तीसरा बड़ा हमला पनामा का झंडा लगे एमएससी फ्रांसेस्का जहाज पर हुआ। जब इसे निशाना बनाया गया, तब यह ईरान के तट से लगभग छह नॉटिकल मील की दूरी पर था और होर्मुज से दक्षिण की ओर ओमान की खाड़ी की तरफ जा रहा था। समुद्री खुफिया फर्म वैनगार्ड की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में एमएससी फ्रांसेस्का के बाहरी ढांचे और क्रू के रहने की जगहों को भारी नुकसान पहुंचा है। इन लगातार हो रहे हमलों ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।