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ईरान की होर्मुज खाड़ी में टोल वसूली की योजना पर अमेरिका की चिंता

ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में जहाजों से शुल्क वसूलने की योजना बनाई है, जिससे अमेरिका की चिंता बढ़ गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर आपत्ति जताई है, जबकि ईरान ने सर्विस फीस मॉडल पर काम करने की बात की है। ओमान भी इस प्रस्ताव में भागीदारी पर चर्चा कर रहा है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है और इसका वैश्विक तेल आपूर्ति पर क्या असर पड़ेगा।
 

ईरान की नई योजना

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों का ईरान पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में जहाजों से शुल्क वसूलने की अपनी योजना को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। इस संदर्भ में ओमान के साथ बातचीत चल रही है, जिसमें दोनों देश मिलकर शुल्क वसूली के लिए एक प्रणाली विकसित करने पर चर्चा कर रहे हैं।


पीजीसीए की घोषणा

अमेरिकी समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की नई स्थापित पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीसीए) ने होर्मुज स्ट्रेट के ‘मैनेजमेंट सुपरविजन एरिया’ की सीमाओं को निर्धारित कर दिया है। इसके अनुसार, खाड़ी से गुजरने के लिए अब परमिट की आवश्यकता होगी। उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद, ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही को लगभग पूरी तरह से रोक दिया था, जिससे वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है।


ट्रंप का विरोध

ईरान की टोल वसूली की योजना पर राष्ट्रपति ट्रंप ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज की खाड़ी एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और यहां किसी प्रकार का शुल्क नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इस योजना का विरोध किया है। ध्यान देने योग्य है कि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत समुद्री तेल और प्राकृतिक गैस होर्मुज की खाड़ी से गुजरता है, और भारत का 40 प्रतिशत आयात इसी क्षेत्र से होता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की पाबंदी या शुल्क वसूली से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ेगा।


सर्विस फीस मॉडल

सूत्रों के अनुसार, ईरान सीधे टोल वसूलने के बजाय सर्विस फीस मॉडल पर काम कर रहा है, जिसमें जहाजों से ट्रांजिट फीस, पर्यावरण शुल्क और अन्य सेवाओं के लिए शुल्क लिया जा सकता है। दो ईरानी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ओमान इस प्रस्ताव में संभावित आर्थिक लाभ देखते हुए इसमें भागीदारी पर चर्चा कर रहा है।


आईआरजीसी की निगरानी

इस बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उनकी नौसेना की निगरानी में पिछले 24 घंटों में 35 जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज की खाड़ी से गुजरे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी ने समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाने का दावा किया है ताकि वैश्विक व्यापार और जहाजों की आवाजाही जारी रह सके।