ईरान के IRGC प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की इजरायली हमले में मौत
ईरान-इजराइल संघर्ष में नया मोड़
ईरान-इजराइल संघर्ष: हाल ही में इजरायली सेना के हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मृत्यु हो गई है। ईरान ने इस घटना की पुष्टि की है।
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, अली मोहम्मद नैनी की मौत मध्य-पूर्व में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हुई है। IRGC ईरान के सशस्त्र बलों की एक महत्वपूर्ण शाखा है, जो देश के भीतर सैन्य और रणनीतिक कार्यों को संचालित करती है।
रिपोर्टों के अनुसार, नैनी की मौत इजरायल द्वारा हाल में की गई उस घोषणा के बाद हुई, जिसमें कहा गया था कि उनकी सेना को ईरानी नेताओं को बिना किसी अनुमति के निशाना बनाने का आदेश दिया गया था। यह घटना हाल ही में इजरायली सेना द्वारा ईरान के प्रमुख सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी और उनके बेटे की हत्या के बाद आई है।
अली मोहम्मद नैनी का परिचय:
अली मोहम्मद नैनी का जन्म 1957 में ईरान के काशान में हुआ था। वह IRGC के सेकंड ब्रिगेडियर जनरल थे और 2024 से कमांडर हुसैन सलामी के अधीन इस संगठन के प्रवक्ता के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा, वह सामाजिक विज्ञान के प्रोफेसर और इमाम हुसैन विश्वविद्यालय में फैकल्टी सदस्य भी थे। नैनी पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध भी लगे हुए थे, जो अक्टूबर 2024 में इजराइल पर ईरानी मिसाइल हमलों के बाद लागू हुए थे।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान अब यूरेनियम संवर्धन या बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई ने इन कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने का आदेश दिया था। नेतन्याहू ने यह भी बताया कि वे न केवल बचे हुए मिसाइलों को नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं, बल्कि उन उद्योगों को भी खत्म करने का काम कर रहे हैं जो इन कार्यक्रमों के उत्पादन में सहायक हैं।