ईरान के ऐलान के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में कमी
कम जहाजों की आवाजाही
महज 10 प्रतिशत जहाज ही पार कर रहे हैं
नई दिल्ली में हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले को दो सप्ताह के लिए रोकने का निर्णय लिया था। इसके जवाब में, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की घोषणा की। लेकिन इसके बावजूद, इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही में कमी आई है। गुरुवार को जलडमरूमध्य खुलने के बाद से केवल कुछ ही जहाज इसे पार कर पाए हैं।
सूत्रों के अनुसार, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या पिछले समय की तुलना में केवल 10 प्रतिशत रह गई है। ईरान ने जहाजों को चेतावनी दी है कि वे अपने क्षेत्रीय जल में ही रहें और होर्मुज पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता इस समुद्री मार्ग के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि सहमति नहीं बनती है, तो ईरान फिर से इस मार्ग को बंद करने की घोषणा कर सकता है।
वैश्विक वस्तुओं की कमी
कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा
पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा बनी हुई है। संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी तेल कंपनी एडीएनओसी के सीईओ ने कहा है कि ईरान को बिना शर्त जलडमरूमध्य खोलना चाहिए। जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, पिछले 24 घंटों में केवल सात जहाज ही इस मार्ग से गुजरे हैं।
इसके अलावा, रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि ईरान जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की योजना बना रहा है, जो कि 20 लाख डॉलर तक हो सकता है। ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल उत्पाद निर्यातक संघ के प्रवक्ता ने बताया कि ईरान होर्मुज पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए क्रिप्टो में टोल भुगतान की मांग करेगा।
बोत्सवाना का जहाज वापस लौटा
निदी टैंकर की वापसी
हालिया शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, बोत्सवाना ध्वज वाला एलएनजी टैंकर 'निदी' पर्शियन गल्फ से बाहर निकलने के प्रयास में अचानक वापस लौट गया, जिससे ईरान के नियंत्रण पर सवाल उठने लगे हैं। डेटा के अनुसार, गुरुवार को चार तेल टैंकर और तीन मालवाहक जहाज इस महत्वपूर्ण मार्ग से गुजरे हैं। युद्ध विराम के बाद अब तक कम से कम 12 जहाजों की आवाजाही दर्ज की गई है।