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ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई को श्रद्धांजलि, वैश्विक नेताओं की उपस्थिति

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कई देशों के प्रमुख नेता शामिल हुए। इस अवसर पर भारत की ओर से भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अंतिम संस्कार की रस्में 9 जुलाई तक चलेंगी, जिसमें विभिन्न शहरों में जुलूस निकाले जाएंगे। जानें इस महत्वपूर्ण घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
 

श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन

वाशिंगटन: ईरान के प्रमुख अधिकारियों ने तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह समारोह शुक्रवार सुबह इमाम खुमैनी के मोसल्ला प्रार्थना हॉल में प्रारंभ हुआ और पूरे दिन चला।


उच्च स्तरीय प्रतिनिधियों की भागीदारी

न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ, ज्यूडिशियरी चीफ गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई, और एक्सपीडिएंसी डिस्कर्नमेंट काउंसिल के चेयरमैन सादिक अमोली लारीजानी जैसे वरिष्ठ अधिकारी इस समारोह में शामिल हुए।


विदेशी मेहमानों की उपस्थिति

इस श्रद्धांजलि में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, संसद के स्पीकर और मंत्री भी शामिल थे। इनमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, अर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान, और इराकी राष्ट्रपति निजार अमेदी शामिल हैं।


अंतिम संस्कार की रस्में

अंतिम संस्कार की रस्में 9 जुलाई तक चलेंगी, जिसमें तेहरान, कोम और मशहद में जुलूस निकाले जाएंगे। ईरानी अधिकारियों ने विशेष तिथियों पर सार्वजनिक बंद और एयरस्पेस पर रोक लगाने की घोषणा की है।


भारत की श्रद्धांजलि

भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया।


संबंधों की मजबूती

विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि इस समारोह में उच्च-स्तरीय प्रतिनिधित्व दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संबंधों की महत्ता को दर्शाता है।


अंतिम संस्कार की तिथियाँ

4-5 जुलाई को विदाई समारोह होगा, इसके बाद 6 जुलाई को अंतिम संस्कार की रस्म होगी। 7 जुलाई को कोम में भी अंतिम संस्कार की रस्म होगी।