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ईरान के विदेश मंत्री ने UN को लिखा पत्र, बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमलों की चिंता

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को पत्र लिखकर बुशहर परमाणु संयंत्र पर हुए हमलों के प्रति चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इन हमलों से विकिरण फैलने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है, जो केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों को भी प्रभावित कर सकता है। अराघची ने इस स्थिति को 'असहनीय' बताते हुए कहा कि इससे मानवता और पर्यावरण पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
 

बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमलों की गंभीरता

नई दिल्ली : ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को एक पत्र भेजकर तेहरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए हालिया हमलों के प्रति अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इन हमलों के कारण विकिरण फैलने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।


अराघची ने अपने पत्र में कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा परमाणु केंद्र को लक्षित करने से रेडियोधर्मी प्रदूषण का जोखिम बढ़ गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इसका प्रभाव केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों को भी प्रभावित कर सकता है।


उन्होंने लिखा, “बुशहर परमाणु संयंत्र के आसपास बार-बार किए जा रहे हमले अत्यंत चिंताजनक हैं। इससे पूरे क्षेत्र में रेडियोधर्मी प्रदूषण का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है, जिसके मानवीय और पर्यावरणीय परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।”


अराघची ने कहा कि देश के एकमात्र सक्रिय परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निकट लगातार हमलों से व्यापक क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने इसे “असहनीय स्थिति” बताते हुए चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार के विकिरण रिसाव के प्रभाव ईरान की सीमाओं से बाहर तक जा सकते हैं।


उन्होंने यह भी दावा किया कि बुशहर संयंत्र को अब तक चार बार निशाना बनाया जा चुका है। उनके अनुसार, यदि विकिरण फैलता है तो तेहरान की तुलना में खाड़ी सहयोग परिषद के देशों की राजधानियां अधिक प्रभावित हो सकती हैं।


इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने जानकारी दी है कि ईरान ने उसे सूचित किया है कि शनिवार सुबह संयंत्र परिसर के पास एक प्रक्षेपास्त्र गिरा। यह हाल के सप्ताहों में इस तरह की चौथी घटना है। हालांकि, एजेंसी ने स्पष्ट किया कि अभी तक विकिरण स्तर में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई है।


IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और उनके आसपास के क्षेत्रों को कभी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि वहां महत्वपूर्ण सुरक्षा से जुड़ी संरचनाएं होती हैं। उन्होंने सभी पक्षों से सैन्य संयम बरतने की अपील की और संघर्ष के दौरान परमाणु सुरक्षा के मानकों का पालन करने पर जोर दिया।