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ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की अंतिम यात्रा में लाखों की भीड़

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में लाखों लोगों की भीड़ ने भाग लिया। इस दौरान, भीड़ ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ उग्र नारे लगाए। जुलूस में कई प्रमुख राजनेता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल हुए। खामेनेई का अंतिम संस्कार विभिन्न पवित्र शहरों में होगा, जिसमें उनकी दफनाने की तारीख 9 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
 

तेहरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा

तेहरान। आज सोमवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में राजधानी तेहरान की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। 10 किलोमीटर लंबे इस शोक जुलूस के दौरान, भीड़ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ 'किल ट्रंप' और 'किल बीबी' जैसे उग्र नारे लगाए।


10 किलोमीटर लंबा जुलूस

तेहरान के इमाम हुसैन स्क्वायर से शुरू होकर यह विशाल जुलूस आजादी स्क्वायर की ओर बढ़ रहा है। इस मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस जनाजे में ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाखेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और खामेनेई के तीन बेटे मसूद, मेयसम और मुस्तफा सहित कई प्रमुख राजनेता और सैन्य कमांडर शामिल हुए। हालांकि, ईरान के नवनियुक्त सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई इस यात्रा में सार्वजनिक रूप से उपस्थित नहीं थे।


अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति

अमेरिका की धमकियों के बावजूद, भारत और रूस सहित लगभग 80 से 100 देशों के आधिकारिक प्रतिनिधि इस राजकीय विदाई समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंचे हैं।


ट्रंप की चेतावनी पर ईरान का जवाब

इस जनाजे में गूंज रहे अमेरिका विरोधी नारे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस विवादास्पद बयान के बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी सेना अंतिम संस्कार के लिए जुटे ईरान के पूरे शीर्ष नेतृत्व को 'एक ही झटके में' खत्म कर सकती थी। ईरान ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि ट्रंप का बयान अमेरिकी बर्बरता को दर्शाता है। ईरान के अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका केवल इंसानों को मार सकता है, लेकिन इस्लामिक रिपब्लिक के आदर्शों को नहीं मिटा सकता।


आगे की प्रक्रिया और दफनाने की तारीख

अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार आने वाले कुछ दिनों तक कई पवित्र शहरों में जारी रहेगा। तेहरान के बाद उनके पार्थिव शरीर को ईरान के पवित्र शहर 'कोम' और फिर इराक के 'नजफ व कर्बला' ले जाया जाएगा। वहां विशेष प्रार्थनाएं होंगी। अंततः, उन्हें 9 जुलाई 2026 को उनके जन्मस्थान मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।