ईरान के हमले: कुवैत, जॉर्डन और बहरीन पर बढ़ा तनाव
ईरान का हमला
ईरान का हमला कुवैत, जॉर्डन और बहरीन पर: मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष और बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के दारखोविन परमाणु संयंत्र को लक्ष्य बनाया, जबकि ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य जॉर्डन में ईरान के हमले में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के लिए आईआरजीसी बलों को दंडित करना है।
सिलसिलेवार हमले
रविवार को बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर एक के बाद एक हमले हुए। कुवैत के अधिकारियों ने बताया कि ईरान ने उनके बिजली और पानी के संयंत्रों को निशाना बनाया।
अमेरिकी ठिकानों पर हमले
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर "जबरदस्त हमले" किए। ईरानी सेना ने कैंप अल-अदिरी में अमेरिकी गोला-बारूद डिपो और अली अल-सलेम एयरबेस पर एयर डिफेंस रडार को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
सायरन की आवाजें
कुवैत की सेना ने ईरानी हमलों का मुकाबला करने की जानकारी दी और बताया कि एक अन्य पानी और बिजली संयंत्र को नुकसान पहुंचा है। बहरीन और जॉर्डन में भी सायरन बजे। बाद में बहरीन ने कहा कि उसने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया और जॉर्डन ने बताया कि उसने ईरान की चार में से तीन मिसाइलों को मार गिराया।
युद्धविराम के बाद हमले
इस महीने की शुरुआत में हमले शुरू होने के बाद ईरान ने अमेरिकी सेना की तैनाती वाले इन तीनों देशों को निशाना बनाया है। तेहरान और वाशिंगटन के बीच पिछले महीने हुए युद्धविराम समझौते के विफल होने के बाद हमले फिर से शुरू हो गए।
दारखोविन परमाणु संयंत्र पर हमले
ईरान ने रविवार की रात दारखोविन परमाणु संयंत्र पर भी हमले किए। वाशिंगटन ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य आईआरजीसी बलों को दंडित करना है, क्योंकि उनके जॉर्डन में किए गए हमले में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हुई है।