ईरान के हमले में कई देशों में तबाही, अमेरिका ने खारिज किया दावा
ईरान का दावा और अमेरिका की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली। रविवार की शाम को ईरान की कमांडो फोर्स आईआरजीसी ने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर हमले का दावा किया। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को नकारते हुए बताया कि ईरान के हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों की जान गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस हमले के परिणामस्वरूप इजराइल, कुवैत समेत कई देशों में जनहानि हुई और कई बड़ी इमारतें नष्ट हो गईं। अबू धाबी में एक भारतीय नागरिक भी घायल हुआ, लेकिन दूतावास ने पुष्टि की है कि उसकी स्थिति स्थिर है।
इजरायल और यूएई में हमले की स्थिति
इजरायल के बेइत शेमेश शहर में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 20 अन्य घायल हुए हैं। यह शहर यरुशलम से लगभग 30 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ‘इरना’ ने यह भी दावा किया है कि ईरानी सेना ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, लेकिन अमेरिका ने इस हमले की पुष्टि नहीं की।
यूएई और कुवैत पर हमले की जानकारी
रविवार को ईरान ने पश्चिम एशिया के 10 देशों पर हमले किए, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मृतकों में पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक शामिल हैं। इस हमले में 58 अन्य लोग घायल हुए हैं, जबकि दुबई एयरपोर्ट पर चार लोग घायल हुए। यूएई ने बताया कि ईरान ने 165 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से 152 को एयर डिफेंस ने नष्ट कर दिया।
कुवैत पर ईरान का हमला
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि ईरान ने उस पर 97 बैलिस्टिक मिसाइलें और 283 ड्रोन दागे। कुवैती एयरफोर्स ने कई मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट किया, लेकिन कुछ क्षेत्रों में मलबा गिरने से नुकसान और घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत हिंद महासागर में कई हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि जेबेल अली में खड़े एक जहाज पर चार ड्रोन से हमला किया गया, जिससे जहाज को भारी नुकसान हुआ।