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ईरान के हमले से खाड़ी देशों में बढ़ता तनाव, तेल संकट की आशंका

ईरान के हालिया मिसाइल हमलों ने खाड़ी देशों में तनाव को बढ़ा दिया है, विशेष रूप से यूएई और जॉर्डन पर। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का सीधा असर तेल आपूर्ति पर पड़ने की संभावना है। यूएई ने ईरान के हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है, जबकि जॉर्डन ने ईरान की मिसाइलों को नष्ट करने का दावा किया है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी फिर से लागू करने की योजना बनाई है। जानें इस संकट के पीछे की पूरी कहानी।
 

ईरान का मिसाइल हमला: यूएई और जॉर्डन पर खतरा


तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने गंभीर रूप ले लिया है। जहां अमेरिका ईरान पर लगातार मिसाइल हमले कर रहा है, वहीं ईरान भी उन खाड़ी देशों को निशाना बना रहा है, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। इस स्थिति का सीधा असर आने वाले दिनों में तेल आपूर्ति पर पड़ने की संभावना है। ईरान ने विशेष रूप से जॉर्डन और यूएई पर हमले तेज कर दिए हैं।


संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में उसके दो तेल टैंकरों 'मोम्बासा' और 'बहिया' पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया। इस हमले के परिणामस्वरूप दोनों टैंकरों में आग लग गई। इस घटना में मोम्बासा पर तैनात एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मृत्यु हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हुए हैं। घायलों में चार भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।


अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन

यूएई ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और दुस्साहसिक कार्रवाई करार दिया है। उसने अपने जहाजों और हितों की रक्षा करने का अधिकार जताया है। बहरीन में भी मिसाइल हमले की आशंका के चलते सायरन बजाए गए, लेकिन वहां किसी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई। अमेरिका के हमलों के बाद ईरान की यह प्रतिक्रिया क्षेत्र में बढ़ते तनाव का संकेत है।


जॉर्डन पर बैलिस्टिक मिसाइलों का हमला

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य एयरबेस पर तैनात बलों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है। हालांकि, जॉर्डन ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से दागी गई चार मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया।


अमेरिका की नाकेबंदी की योजना

इस बीच, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी फिर से लागू करने की घोषणा की है, जबकि अन्य देशों के जहाजों को हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। ईरान ने अमेरिकी हस्तक्षेप को खारिज करते हुए चेतावनी दी है कि उसकी अनुमति के बिना हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका नहीं ले सकता।