ईरान के हमले से मिडिल ईस्ट में बढ़ी असुरक्षा, दुबई पर खतरा
मिडिल ईस्ट में बढ़ती हिंसा
नई दिल्ली: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रही खूनी संघर्ष अब मिडिल ईस्ट में गंभीर रूप ले चुकी है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लगातार मिसाइलों और ड्रोन हमले किए हैं। इस संघर्ष की लपटें अब दुबई तक पहुंच गई हैं, जहां ईरान ने नए और बड़े हमले किए हैं। ईरान का दावा है कि उसने अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सेना से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया है। इस क्रम में, ईरान ने दुबई के निकट अल मिन्हाद में स्थित ऑस्ट्रेलियाई सैन्य ठिकाने पर बड़ा हमला किया है।
ऑस्ट्रेलियाई बेस पर मिसाइल हमला
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने इस हमले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ईरानी बलों ने अल मिन्हाद एयर बेस पर जोरदार हमला किया है, जहां बड़ी संख्या में ऑस्ट्रेलियाई नागरिक और सैनिक तैनात हैं। हालांकि, उन्होंने राहत की बात कही कि सभी सैनिक सुरक्षित हैं और उनसे संपर्क स्थापित कर लिया गया है।
खाड़ी देशों में पश्चिमी सैनिकों की सुरक्षा पर खतरा
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में मिडिल ईस्ट में उनके सौ से अधिक लोग मौजूद हैं, जिनमें से अधिकांश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में तैनात हैं। अल मिन्हाद में कई वर्षों से ऑस्ट्रेलिया का एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल हेडक्वार्टर कार्यरत है। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब ईरान ने अपनी ड्रोन और मिसाइल गतिविधियों को तेज कर दिया है। ईरान का मुख्य निशाना अमेरिकी सैन्य संपत्तियां हैं। जैसे-जैसे यह संघर्ष बढ़ता जा रहा है, पश्चिमी देशों के सैनिक और उनके ठिकाने अधिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
ईरान का ऑपरेशन ट्रुथफुल प्रॉमिस 4
इन हमलों से पहले, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर दुनिया को चेतावनी दी थी। आईआरजीसी ने घोषणा की थी कि वह 'ऑपरेशन ट्रुथफुल प्रॉमिस 4' के तहत अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को नष्ट कर रहा है। यह ऑपरेशन 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमले का प्रतिशोध है।
दुबई की सुरक्षा पर खतरा
ईरान के हमले केवल दुबई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कतर, बहरीन, जॉर्डन और कुवैत पर भी हमले किए गए हैं। ये सभी स्थान प्रमुख अमेरिकी सैन्य ठिकाने माने जाते हैं। मिडिल ईस्ट में अमेरिका के लगभग 13 बड़े सैन्य ठिकाने हैं, जहां 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं। अब तक, दुबई को इस अस्थिर क्षेत्र में सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता था, लेकिन ईरान के ताजा हमलों ने इस सपनों के शहर में भी दहशत का माहौल बना दिया है।