×

ईरान ने अमेरिका के साथ वार्ता से किया इनकार, तनाव जारी

ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित वार्ता को खारिज कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। हाल ही में हुए हमलों के बाद, ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर बातचीत की कोई योजना नहीं है। इस्माइल बघाई ने बताया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल की कतर यात्रा का अमेरिकी अधिकारियों से कोई संबंध नहीं है। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और आगे की संभावनाएं।
 

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से किया इंकार


तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते के बावजूद तनाव की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले किए, जिससे शांति समझौता खतरे में पड़ गया। अमेरिका ने दावा किया था कि बातचीत के जरिए सभी मतभेद सुलझा लिए गए हैं।


हालांकि, ईरान ने कतर की राजधानी दोहा में संभावित वार्ता की खबरों को खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर बातचीत की कोई योजना नहीं है। इसके अलावा, अंतिम समझौते पर औपचारिक वार्ता शुरू करने की स्थिति भी नहीं बनी है।


इस्माइल बघाई ने पत्रकारों के साथ यह जानकारी साझा की

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रेस वार्ता में कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल की कतर यात्रा का अमेरिकी अधिकारियों की यात्रा से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि यह दौरा पहले हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के प्रावधानों की समीक्षा के लिए किया जा रहा है।


इस्माइल बघाई ने बताया कि 14 बिंदुओं वाले एमओयू के अनुच्छेद-13 के अनुसार अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू होगी जब अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11 का क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा। इसका मतलब है कि पहले दोनों देशों को भरोसा बढ़ाने वाले कदम उठाने होंगे, उसके बाद ही व्यापक समझौते पर औपचारिक वार्ता होगी। अनुच्छेद-11 के तहत अमेरिका को ईरान की प्रतिबंधित संपत्तियों और धन तक पहुंच बहाल करने के लिए आवश्यक अनुमति और लाइसेंस जारी करने होंगे।


ट्रंप ने किया था दोहा में बैठक का दावा

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने अमेरिका से बैठक का अनुरोध किया है और दोनों देशों के प्रतिनिधि मंगलवार को दोहा में मिलेंगे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा था कि 'ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है, यह कल दोहा में होगी'। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी कहा कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर दोहा जाएंगे। उनके अनुसार, यह बैठक ईरान के अनुरोध पर हो रही है और राष्ट्रपति ट्रंप पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहते हैं।