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ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं 7 शर्तें, युद्ध समाप्ति के लिए जरूरी

ईरान ने अमेरिका के सामने सात शर्तें रखी हैं, जिनके बिना युद्ध समाप्त नहीं होगा। ईरान का कहना है कि बातचीत तभी शुरू होगी जब इन शर्तों को स्वीकार किया जाएगा। प्रमुख मांगों में लड़ाई का तुरंत रोकना, जब्त फंड की वापसी और समुद्री नाकाबंदी का अंत शामिल हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने इन मांगों को नजरअंदाज किया, तो वह निर्णायक युद्ध के लिए तैयार है। जानें ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का हाल और बातचीत की संभावनाएं।
 

ईरान की शर्तें और अमेरिका की प्रतिक्रिया

ईरान ने कतर की मध्यस्थता से अमेरिका के समक्ष सात शर्तें रखी हैं, जिनके बिना युद्ध समाप्त नहीं होगा। ईरान का कहना है कि बातचीत तभी शुरू होगी जब इन शर्तों को स्वीकार किया जाएगा। यदि अमेरिका ने ईरान की मांगों को नजरअंदाज किया, तो इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और ईरानी सेना 'निर्णायक युद्ध' के लिए पूरी तरह तैयार हैं.


ईरान की शर्तों का विवरण

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने 'अल जजीरा' को बताया कि कतर ने ईरान की शर्तें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं। उन्होंने कहा कि ईरान अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है.


ईरान की 7 शर्तें, इनमें से तीन हुईं सार्वजनिक


रेजाई ने सभी शर्तों का खुलासा नहीं किया, लेकिन तीन प्रमुख मांगों का उल्लेख किया है। ईरान ने X पर भी लिखा कि उसने बातचीत शुरू करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं. तेहरान का रुख स्पष्ट है.



  • सभी मोर्चों पर लड़ाई तुरंत रोकी जाए, ईरान चाहता है कि युद्ध पूरी तरह बंद हो.

  • ईरान के जब्त फंड वापस किए जाएं, अमेरिका में रोकी गई ईरानी संपत्ति और पैसा वापस किया जाए.

  • समुद्री नाकाबंदी खत्म हो, अमेरिकी नौसेना की तरफ से लगाई गई घेराबंदी हटाई जाए.

  • रेजाई ने कहा कि बाकी चार शर्तें अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं.


ट्रंप की धमकियों का असर

मोहसिन रेजाई ने कहा कि इन शर्तों को मानना अमेरिका के हित में है। उन्होंने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों से कुछ हासिल नहीं होगा। ईरान निर्णायक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है. यदि अमेरिका इस स्थिति से बाहर निकलना चाहता है, तो उसे ईरान के अधिकारों और शर्तों को मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.


अमेरिका की संभावित कार्रवाई

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका अपनी कार्रवाई जारी रखता है, तो वह इस फैसले पर दोबारा विचार करने को मजबूर हो सकता है.


ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष का हाल

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है। 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान में तत्कालीन सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के आवास को निशाना बनाया था, जिसमें कई ईरानी अधिकारियों की मौत हुई थी. इसके जवाब में, ईरान ने खाड़ी के देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे. तब से दोनों देशों के बीच स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है.


बातचीत की संभावनाएं

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत के लिए कतर और पाकिस्तान दोनों देशों की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। अगस्त 2026 में इस्लामाबाद में हुए एक समझौते की अवधि बिना किसी स्थायी हल के समाप्त हो गई थी. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी अब तेहरान का दौरा करने वाले हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका को स्वीकार किया है, लेकिन किसी प्रस्ताव की कोशिशों के बारे में जानकारी होने से इनकार किया है.