×

ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, नाकाबंदी जारी रहने पर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना असंभव

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि जब तक नाकाबंदी जारी रहेगी, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि युद्धविराम का कोई अर्थ नहीं है यदि नाकाबंदी और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव डालने वाली गतिविधियां जारी रहती हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी नाकाबंदी जारी रखने की बात कही है। इस बीच, कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में अधिक।
 

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की स्थिति

तेहरान/वॉशिंगटन : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बावजूद युद्धविराम लागू है, लेकिन स्थिति अभी भी सामान्य नहीं है। इस बीच, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने अमेरिका को शांति वार्ता से पहले कड़ी चेतावनी दी है।


गालिबफ ने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी ईरानी बंदरगाहों पर जारी रहेगी, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच किसी भी युद्धविराम का कोई मतलब नहीं है, यदि नाकाबंदी और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव डालने वाली गतिविधियां जारी रहती हैं।


उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “पूर्ण युद्धविराम तभी प्रभावी होगा जब सभी मोर्चों पर हमले रुकें और वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने जैसी कार्रवाइयों का अंत हो। ऐसे खुले उल्लंघनों के बीच होर्मुज को खोलना संभव नहीं है।”


इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि जब तक ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होता, तब तक नाकाबंदी जारी रहेगी। वहीं, ईरान ने भी सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिए हैं कि वह होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों को रोक सकता है।


हालांकि तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका-ईरान वार्ता का दूसरा दौर जल्द शुरू हो सकता है और अगले 36 से 72 घंटों में प्रगति की उम्मीद है।


दूसरी ओर, ईरान ने अभी स्पष्ट नहीं किया है कि वह इस्लामाबाद में प्रस्तावित, पाकिस्तान की मध्यस्थता वाली वार्ता में शामिल होगा या नहीं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा कि इस पर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है।


कुल मिलाकर, युद्धविराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी गतिरोध ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिति को जटिल बना दिया है।