ईरान ने अमेरिकी जहाज पर मिसाइल हमले का दावा किया, अमेरिका ने किया खंडन
ईरान का दावा और अमेरिका का खंडन
नई दिल्ली। ईरान में पिछले एक महीने से चल रहे युद्धविराम के समाप्त होने के संकेत मिल रहे हैं। ईरान ने यह आरोप लगाया है कि उसने होर्मुज की खाड़ी में एक अमेरिकी नौसेना के जहाज पर दो मिसाइलें दागी हैं। ईरान का कहना है कि इस हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा, जिसके कारण उसे पीछे हटना पड़ा। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह हमला तब हुआ जब अमेरिकी जहाज ने ईरानी नौसेना की चेतावनी को अनसुना करते हुए होर्मुज से गुजरने की कोशिश की।
हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने होर्मुज की खाड़ी में अपने किसी भी नौसैनिक जहाज पर हमले की खबरों को खारिज कर दिया है। सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अमेरिकी सेना होर्मुज की खाड़ी में प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत कार्य कर रही है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी नौसेना के जहाज होर्मुज की खाड़ी से अपने निगरानी में व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी सेना इस क्षेत्र में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करेगी और किसी भी रुकावट का कड़ा जवाब दिया जाएगा। इस बीच, अमेरिका के सेंट्रल कमांड के प्रमुख ब्रैड कूपर होर्मुज की खाड़ी के पास तैनात अमेरिकी सैनिकों से मिलने पहुंचे। सेंटकॉम ने उनकी कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं, जिनमें वे अपाचे हेलिकॉप्टर में उड़ान भरते और सैनिकों से मिलते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह दौरा उस समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।
इससे पहले, सेंट्रल कमांड ने कहा था कि वह राष्ट्रपति ट्रंप की योजना प्रोजेक्ट फ्रीडम को लागू करेगा। इस योजना का उद्देश्य होर्मुज में फंसे व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाना है। इस बीच, खबरें आ रही हैं कि अमेरिकी कब्जे में लिए गए जहाज एमवी टूस्का के चालक दल के 15 सदस्य ईरान पहुंच गए हैं। हालांकि, इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि जहाज पर मौजूद सभी 22 सदस्यों को अमेरिका ने पाकिस्तान भेज दिया है, जहां से उन्हें ईरानी अधिकारियों को सौंपा जाना था। यह कदम अमेरिका ने तनाव कम करने के उद्देश्य से उठाया है।