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ईरान ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया, तनाव बढ़ा

ईरान ने अपने बुशहर प्रांत में एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस घटना के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान में हमले किए। ईरान ने अमेरिका से अपने फ्रीज फंड को जारी करने की मांग की है, जो युद्ध समाप्त करने की बातचीत का हिस्सा है। इस बीच, दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता भी चल रही है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
 

ईरान में अमेरिकी ड्रोन पर कार्रवाई


ईरान के बुशहर प्रांत में गुरुवार रात को एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय किया गया। ईरानी मीडिया के अनुसार, एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया गया।


तस्नीम समाचार एजेंसी ने एक सैन्य सूत्र का हवाला देते हुए बताया कि ईरान की एयर डिफेंस प्रणाली ने बुशहर के निकट एक अमेरिकी ड्रोन को मिसाइल से नष्ट किया।


फार्स समाचार एजेंसी ने जानकारी दी कि ईरान की सेना ने दक्षिणी क्षेत्रों से कुछ लक्ष्यों पर मिसाइलें दागी हैं। कुछ स्थानीय सूत्रों ने खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष की आशंका भी जताई है।


मेहर समाचार एजेंसी ने बताया कि ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास चार जहाजों पर चेतावनी के लिए फायरिंग की। ये जहाज बिना समन्वय के जलमार्ग पार करने का प्रयास कर रहे थे।


गुरुवार सुबह ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास शहर के पूर्वी हिस्से में तीन धमाकों की सूचना दी।


बाद में, कई अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि अमेरिकी सेना ने ईरान में रातभर हमले किए, जिसमें एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया, जिसे वॉशिंगटन ने अमेरिकी सैनिकों और व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा बताया।


ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने गुरुवार सुबह बंदर अब्बास पर अमेरिकी हमलों के जवाब में एक अमेरिकी एयर बेस पर हमला किया।


इस बीच, मंगलवार को ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं में अपने 24 अरब डॉलर के फ्रीज फंड को जारी करने की मांग की थी। तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, यह मांग युद्ध समाप्त करने को लेकर हो रही बातचीत के दौरान उठाई गई।


ईरान, अमेरिका और इजरायल ने 40 दिनों की लड़ाई के बाद 8 अप्रैल को युद्धविराम पर सहमति जताई थी। इसके बाद 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों के बीच शांति वार्ता हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका।


पिछले कुछ हफ्तों में, दोनों पक्षों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में संघर्ष समाप्त करने की शर्तों पर कई प्रस्तावों का आदान-प्रदान किया है।