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ईरान ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा, खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा

ईरान ने अपने बुशहर प्रांत में एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। ईरानी सेना ने लक्ष्यों पर मिसाइलें दागी हैं और होर्मुज स्ट्रेट में चेतावनी फायरिंग की। इसके अलावा, अमेरिका द्वारा ईरान में हमलों की खबरें भी आई हैं। ईरान ने अमेरिका के साथ वार्ताओं में अपने फ्रीज फंड को जारी करने की मांग की है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
 

ईरान में एयर डिफेंस सिस्टम की सक्रियता

तेहरान: ईरान के बुशहर प्रांत में एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय किया गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया गया है। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने बताया कि ईरान की एयर डिफेंस प्रणाली ने बुशहर के निकट एक अमेरिकी ड्रोन को मिसाइल से नष्ट कर दिया।


ईरानी सेना की मिसाइल कार्रवाई

फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरानी सेना ने दक्षिणी क्षेत्रों से कुछ लक्ष्यों पर मिसाइलें दागी हैं। कुछ स्थानीय सूत्रों ने खाड़ी क्षेत्र में झड़पों की आशंका भी जताई है। मेहर समाचार एजेंसी ने बताया कि ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास चार जहाजों पर चेतावनी के लिए फायरिंग की, जो बिना समन्वय के जलमार्ग पार करने का प्रयास कर रहे थे।


बंदर अब्बास में धमाकों की सूचना

गुरुवार की सुबह, ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास के पूर्वी हिस्से में तीन धमाकों की जानकारी दी। इसके बाद कई अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि अमेरिकी सेना ने ईरान में रातभर हमले किए, जिसमें एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया, जिसे वॉशिंगटन ने अमेरिकी सैनिकों और व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा बताया।


आईआरजीसी का जवाबी हमला

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने गुरुवार सुबह बंदर अब्बास पर अमेरिकी हमलों के जवाब में एक अमेरिकी एयर बेस पर हमला किया। इस बीच, मंगलवार को ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं में अपने 24 अरब डॉलर के फ्रीज फंड को जारी करने की मांग की थी। तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, यह मांग युद्ध समाप्त करने को लेकर हो रही बातचीत के दौरान उठाई गई।


युद्धविराम और शांति वार्ता

ईरान, अमेरिका और इजरायल ने 40 दिनों की लड़ाई के बाद 8 अप्रैल को युद्धविराम पर सहमति जताई थी। इसके बाद 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों के बीच शांति वार्ता हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। पिछले कुछ हफ्तों में दोनों पक्षों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में संघर्ष समाप्त करने की शर्तों पर कई प्रस्तावों का आदान-प्रदान किया है।